घटनास्थल की तस्वीरें हादसे की गंभीरता को बयां कर रही हैं। हादसे में हेलीकॉप्टर पर सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई थी।
हेलीकॉप्टर बदरीनाथ धाम से लौट रहा था। इसी दौरान जोशीमठ के पास यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे की जानकारी मिलने के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर हेलीकॉप्टर का मलबा अलग-अलग हिस्सों में बिखरा हुआ था। बचाव अभियान के दौरान सभी मृतकों के शव बरामद कर लिए गए।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स उत्तराखंड उत्तर प्रदेश, संपूर्ण भारत, देश-विदेश, खेल, आध्यात्मिक, राजनीतिक और जन सरोकारों की खबरें।
कई टुकड़ों में बिखरा मिला हेलीकॉप्टर
हादसे के बाद सामने आई तस्वीरों में हेलीकॉप्टर के क्षतिग्रस्त हिस्से दिखाई दे रहे हैं। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि हेलीकॉप्टर का ढांचा कई हिस्सों में टूट गया। आसपास के क्षेत्र में मलबा बिखरा नजर आया। घटनास्थल के वीडियो में भी दुर्घटना के बाद की स्थिति देखी जा सकती है।
इन तस्वीरों और वीडियो के सामने आने के बाद हादसे की भयावहता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
छह लोगों की हुई थी मौत
इस दुर्घटना में हेलीकॉप्टर पर सवार सभी छह लोगों की जान चली गई। हादसे के बाद बचाव दल ने घटनास्थल पर तलाशी अभियान चलाया और सभी शव बरामद किए। इस घटना से उत्तराखंड में शोक का माहौल है।
हेलीकॉप्टर हादसे के कारणों की जांच अहम
दुर्घटना के बाद हेलीकॉप्टर की उड़ान और मौसम की परिस्थितियों को लेकर भी सवाल उठे हैं। मौसम विभाग ने चमोली समेत उत्तराखंड के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। वहीं, उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) का कहना था कि हेलीकॉप्टर ने उड़ान के समय मौसम साफ होने पर उड़ान भरी थी।
घाटी में अचानक मौसम बदल गया। इससे 15 मिनट के भीतर ही हेलीकॉप्टर का कंट्रोल रूम से संपर्क कट गया।
मौसम विभाग ने जारी किया था अलर्ट
आपदा कंट्रोल रूम के अनुसार, मौसम विभाग ने शुक्रवार को चमोली जिले में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि होने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई थी। इसके मद्देनजर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, चमोली ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद देहरादून से बदरीनाथ और बदरीनाथ से देहरादून के लिए हेलीकॉप्टर को उड़ान की अनुमति मिल गई। इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हेलीकॉप्टर हादसे से एक बार फिर हेली कंपनियों की ओर से मौसम संबंधी नियमों और डीजीसीए की गाइडलाइन के पालन पर सवाल खड़े हो गए हैं। डीजीसीए के नियमों के मुताबिक, खराब मौसम में उड़ान की अनुमति नहीं दी जाती। शुक्रवार को बदरीनाथ में सुबह से ही मौसम खराब रहा। दोपहर में कुछ देर के लिए बादल छंटे। इसी दौरान हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी, लेकिन कुछ देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसके बाद उड़ान भरने वाला दूसरा हेलीकॉप्टर सुरक्षित देहरादून पहुंच गया।
कुछ शव जले तो कुछ क्षत विक्षत मिले
उधर, हेलीकॉप्टर हादसे में मारे गए लोगों के शव सेना ने बरामद कर लिए हैं। ज्योतिर्मठ के एसडीएम चंद्र शेखर वशिष्ठ ने बताया कि कुछ शव जली अवस्था में हैं, जबकि कुछ क्षत-विक्षत हैं। एसडीएम ने बताया कि सभी के शव शनिवार को ज्योतिर्मठ लाए जाएंगे। घटनास्थल वन क्षेत्र में है। वहां से सेना, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ,पुलिस, आईटीबीपी और प्रशासन की टीमें पैदल ही शवों को लायेगी।
