वेदिक ज्योतिष में गुरु (बृहस्पति) को ज्ञान, भाग्य, धन, संतान, विवाह, शिक्षा और आध्यात्मिक उन्नति का कारक ग्रह माना जाता है। वर्ष 2026 में गुरु ग्रह का गोचर ज्योतिष प्रेमियों के बीच सबसे अधिक चर्चा का विषय बना हुआ है।

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ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 2 जून 2026 को गुरु ग्रह कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं, जिसे गुरु की उच्च (Exalted) राशि माना जाता है। यह स्थिति लगभग 12 वर्षों में एक बार आती है और इसे विशेष महत्व दिया जाता है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड

ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि यह गोचर कई राशियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी भी व्यक्ति पर वास्तविक प्रभाव उसकी जन्म कुंडली, लग्न, दशा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर भी निर्भर करता है। इसलिए नीचे दिए गए प्रभाव सामान्य ज्योतिषीय संकेत हैं, व्यक्तिगत भविष्यवाणी नहीं।

गुरु ग्रह का गोचर क्यों माना जाता है खास?

गुरु ग्रह लगभग एक वर्ष तक एक राशि में रहते हैं और लगभग 12 वर्षों में पूरी राशि चक्र की यात्रा पूरी करते हैं।

कर्क राशि में प्रवेश करने पर गुरु को उच्च का माना जाता है। वैदिक ज्योतिष में यह स्थिति ज्ञान, परिवार, शिक्षा, आर्थिक स्थिरता और आध्यात्मिक विकास के लिए शुभ मानी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह समय कई लोगों के लिए नए अवसर, सकारात्मक बदलाव और आत्मविश्वास लेकर आ सकता है।

इन 5 राशियों के लिए शुभ संकेत

1. कर्क राशि

गुरु का गोचर कर्क राशि वालों के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि गुरु इसी राशि में उच्च के होते हैं।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ सकता है, परिवार में सुखद वातावरण बन सकता है और करियर में नए अवसर मिलने की संभावना बन सकती है।

व्यापार से जुड़े लोगों को भी नए संपर्कों और विस्तार के अवसर मिल सकते हैं।

2. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह समय शिक्षा, उच्च अध्ययन और विदेश से जुड़े कार्यों में सकारात्मक माना जा रहा है।

रुके हुए कार्यों में गति आ सकती है और लंबे समय से चल रही योजनाएं आगे बढ़ सकती हैं।

धार्मिक यात्राओं या आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ने की भी संभावना बताई जाती है।

3. मीन राशि

मीन राशि पर गुरु का विशेष प्रभाव माना जाता है क्योंकि गुरु इस राशि के स्वामी भी हैं।

ज्योतिषीय दृष्टि से यह समय रचनात्मक कार्यों, प्रेम संबंधों, शिक्षा और पारिवारिक खुशियों के लिए अनुकूल माना जा सकता है।


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