ये रिक्तियां राज्य के 13 जनपदों के 1307 प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालयों में हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (प्राथमिक) से विद्यालयवार रिक्त पदों का विवरण प्राप्त हो गया है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
निदेशालय ने प्रत्येक विद्यालय में छात्र संख्या, स्वीकृत एवं कार्यरत शिक्षकों की स्थिति तथा रिक्त पदों का विस्तृत ब्योरा मांगा था। विभाग पहले इन आंकड़ों का उपयोग वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम के तहत अनुरोध आधारित तबादलों के लिए करेगा। इसके बाद शेष रिक्तियों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार अंतिम रिक्तियों का निर्धारण कर भर्ती प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। लंबे समय से अनेक विद्यालयों में शिक्षकों के पद खाली होने से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। भर्ती पूरी होने पर विद्यालयों में शिक्षक उपलब्ध होंगे और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सकेगा।
उत्तरकाशी में सर्वाधिक, अल्मोड़ा में सबसे कम रिक्तियां
रिक्त पदों के आंकड़ों के अनुसार उत्तरकाशी में सर्वाधिक 230, जबकि नैनीताल में 196 और चमोली में 186 पद खाली हैं। सबसे कम 58 पद अल्मोड़ा तथा 59 पद चंपावत में रिक्त हैं। देहरादून में 119, हरिद्वार में 146, ऊधमसिंह नगर में 134, टिहरी में 156, पिथौरागढ़ में 142, बागेश्वर में 70, रुद्रप्रयाग में 62 तथा पौड़ी में 73 पद रिक्त हैं।
‘जनपदों से रिक्त पदों का प्रमाणित विवरण प्राप्त हो चुका है। पहले इनका उपयोग अनुरोध आधारित स्थानांतरण में किया जाएगा। इसके बाद वास्तविक रिक्तियों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर हो सके। इस वर्ष सभी रिक्त पदों के भरा जाएगा।’
डॉ. धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री
