देहरादून। उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद की ओर से मंगलवार को देहरादून स्थित शहीद स्थल पर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रणेता और उत्तराखंड के गांधी के रूप में विख्यात स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की 27वीं पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान आंदोलनकारियों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
वक्ताओं ने कहा कि टिहरी गढ़वाल के अखोड़ी गांव में जन्मे इंद्रमणि बडोनी एक महान जननायक, राजनेता और लोक कलाकार थे। उन्होंने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के पिछड़ेपन, विषम भौगोलिक परिस्थितियों, भाषा, संस्कृति और राजनीतिक उपेक्षा को आधार बनाकर पृथक उत्तराखंड राज्य की मांग को जन आंदोलन का स्वरूप दिया।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
आंदोलनकारियों ने कहा कि इंद्रमणि बडोनी ने अहिंसक तरीके से उत्तराखंड राज्य आंदोलन का नेतृत्व किया और अपने जीवन के अंतिम समय तक जनहित के मुद्दों के लिए संघर्ष करते रहे। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। आज भी उनका जीवन उत्तराखंड की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
श्रद्धांजलि सभा में प्रमिला रावत, उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद के जिला अध्यक्ष सुरेश कुमार, बालेश बबावानी, रामपाल, जगमोहन रावत, विकास रावत, अमित पावर, सुभाग फरस्वाण, कल्पेश्वरी, पुष्पा, रेखा, मोहन शर्मा, प्रभात डंडरियाल सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी साथी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने उत्तराखंड आंदोलन के महानायक इंद्रमणि बडोनी को कोटि-कोटि नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
जय उत्तराखंड।
