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उद्योगों की चमक के पीछे श्रमिकों का अंधेरा सच, धामी सरकार से जवाब मांग रहा उत्तराखंड

बुध पूर्णिमा 30 अप्रैल को है या 1 मई को? यही सवाल इस समय सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है. तारीख को लेकर भ्रम होना स्वाभाविक है, क्योंकि पंचांग और उदय तिथि का गणित अलग होती है. तो चलिए जानें किस दिन है बुद्ध पूर्णिमा और इस दिन चांद के निकलने का सटीक समय क्या होगा?

ट्रेलर रिलीज होते ही ठंडा पड़ा उत्साह, क्या आम्रपाली दुबे का नया दांव फ्लॉप साबित होगा?

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से एक दिन पहले, यानी 27 अप्रैल की शाम को, चुनाव प्रचार औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है। आज, 28 अप्रैल, को साइलेंट पीरियड है, जिसमें प्रचार की अनुमति नहीं है।

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रुद्रपुर की सियासत एक बार फिर आरोप–प्रत्यारोप के दलदल में फंसती नजर आ रही है।…

श्याम भक्ति में डूबेगा रुद्रपुर, भव्य संकीर्तन महोत्सव और निशान यात्रा को लेकर पूर्व विधायक ने की प्रेस वार्ता

रुद्रपुर।शहर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलनेश्याम भक्ति में डूबेगा रुद्रपुर,…

संपत्ति के लालच में इंसानियत शर्मसार — लेकिन न्याय की जीत हुई है

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उत्तराखंड में 50 से अधिक श्रमिकों वाली इंजीनियरिंग इकाइयों के लिए नई न्यूनतम मजदूरी लागू, अकुशल को ₹13,800 तक राहत

देहरादून, 29 अप्रैल 2026। उत्तराखंड सरकार ने राज्य की 50 या उससे अधिक श्रमिकों को…

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पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से एक दिन पहले, यानी 27 अप्रैल की शाम को, चुनाव प्रचार औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है। आज, 28 अप्रैल, को साइलेंट पीरियड है, जिसमें प्रचार की अनुमति नहीं है।

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पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से एक दिन पहले, यानी 27 अप्रैल की शाम को, चुनाव प्रचार औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है। आज, 28 अप्रैल, को साइलेंट पीरियड है, जिसमें प्रचार की अनुमति नहीं है।

सोमवार को दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी, कुछ स्थानों पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें और पुलिस की कार्रवाई…

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एक्ट्रेस साई पल्लवी अपने हिंदी बोलने के स्टाइल की वजह सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गईं. दरअसल उनकी आने वाली फिल्म ‘एक दिन’ के प्रमोशन इवेंट में एक हल्के से पल ने अचानक सोशल मीडिया पर एक अलग ही मोड़ ले लिया.

1 मई को फिल्म की रिलीज से पहले, मेकर्स ने मुंबई में ‘एक दिन की महफिल’ नाम से एक म्यूजिकल…

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दुनिया में, ग्लोबल वार्मिंग की वजह से होने वाले जलवायु परिवर्तन का असर अब ज़मीन पर साफ़-साफ़ दिखाई दे रहा है। पहाड़ी इलाके भी इस घटना से अछूते नहीं रहे हैं। हिंदू कुश-हिमालय क्षेत्र से लेकर-जो दो अरब लोगों को खाना और पानी देता है-समुद्र की गहराइयों तक, धरती गर्म हो रही है।

2026:पश्चिम बंगाल चुनाव में इस बार सबसे बड़ा मुद्दा एसआईआर बना हुआ है। चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विवादास्पद एसआईआर में वोट देने का अधिकार दांव पर लगा हुआ है।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के प्रचार के लिए आज यानि सोमवार को आखिरी दिन है। सभी राजनीतिक पार्टियां जनता को साधने के लिए पूरी ताकत झोंक रहीं हैं। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।

इस्तांबुल, तुर्की में हुई एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में भारत के मोस्ट वांटेड ड्रग माफिया सलीम डोला को गिरफ्तार कर लिया गया है। तुर्की की खुफिया एजेंसी MIT और इस्तांबुल पुलिस की नारकोटिक्स यूनिट ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर दाऊद इब्राहिम के इस करीबी सहयोगी को दबोचा।

अवैध खनन में 2 करोड़ वसूली के आरोप: सियासत गरम, सच्चाई की दरकार

रुद्रपुर की सियासत एक बार फिर आरोप–प्रत्यारोप के दलदल में फंसती नजर आ रही है। विकास सागर पर अवैध खनन से जुड़े डंपरों से 2 करोड़ रुपये की कथित वसूली…

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श्याम भक्ति में डूबेगा रुद्रपुर, भव्य संकीर्तन महोत्सव और निशान यात्रा को लेकर पूर्व विधायक ने की प्रेस वार्ता

रुद्रपुर।शहर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलनेश्याम भक्ति में डूबेगा रुद्रपुर, भव्य संकीर्तन महोत्सव और निशान यात्रा को लेकर पूर्व विधायक ने की प्रेस वार्ता निशान…

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संपत्ति के लालच में इंसानियत शर्मसार — लेकिन न्याय की जीत हुई है

पूरा वीडियो जरूर देखें… यह सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि अन्याय, लालच और अमानवीयता के खिलाफ लंबी लड़ाई की गवाही है।केशव थलवाल ने अपनी जो आपबीती सुनाई है,…

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उत्तराखंड में 50 से अधिक श्रमिकों वाली इंजीनियरिंग इकाइयों के लिए नई न्यूनतम मजदूरी लागू, अकुशल को ₹13,800 तक राहत

देहरादून, 29 अप्रैल 2026। उत्तराखंड सरकार ने राज्य की 50 या उससे अधिक श्रमिकों को नियोजित करने वाली अभियंत्रण इकाइयों एवं उद्योगों में कार्यरत कर्मकारों के लिए नई न्यूनतम मजदूरी…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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गौरवशाली उपलब्धि: उत्तराखंड की बेटी पूजा यादव ने राष्ट्रीय खेलों में जीता स्वर्ण पदक

उत्तराखंड के लिए यह एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण है। 38वें राष्ट्रीय खेलों में किच्छा विधानसभा के ग्राम सैजनी निवासी पूजा यादव ने ताइक्वांडो के 57 किलोग्राम भारवर्ग में […]

एक वकील ने उत्तराखंड सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए समान नागरिक संहिता के कुछ प्रावधानों की वैधता को चुनौती देते हुए उत्तराखंड उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

याचिकाकर्ता अधिवक्ता आरुषि गुप्ता ने न्यायालय से यूसीसी के आवेदन के दायरे, विवाहों के पंजीकरण की आवश्यकताओं और लिव-इन संबंधों के पंजीकरण या समाप्ति से संबंधित प्रमुख प्रावधानों को असंवैधानिक […]

देश में कई ऐसे सांसद और विधायक मौजूद हैं, जिनपर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इसी पर देश की सर्वोच्च अदालत ने सवाल किया कि आपराधिक मामले में दोषी ठहराये जाने के बाद कोई व्यक्ति संसद में कैसे लौट सकता है.सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए SC ने ये सवाल किया है.

जिसमें मांग की गई कि देश में सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों के शीघ्र निपटारे के अलावा दोषी नेताओं पर आजीवन प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया. प्रिंट मीडिया, […]

मोदी सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक आयुष्मान भारत योजना में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा हुआ है. संसद में एक सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि NAFU (राष्ट्रीय धोखाधड़ी विरोधी इकाई) ने प्राइवेट हॉस्पिटल के 562.4 करोड़ रुपये के 2.7 लाख क्लेम फर्जी पाए हैं.

राज्य स्वास्थ्य एजेंसियां (एसएचए) नियमित डेस्क मेडिकल ऑडिट के साथ-साथ फील्ड ऑडिट भी करती हैं. इसमें कुल 1 हजार 114 अस्पतालों को पैनल से हटा दिया गया है. साथ ही […]

उत्तराखंड वैश्विक मंच पर फ्रांस और अमेरिका भारत के दो सबसे अहम रणनीतिक साझीदार देश हैं। बहुत कम होता है कि भारतीय प्रधानमंत्री एक साथ इन दोनों देशों की यात्रा पर गए हों।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को इन दोनों देशों की यात्रा के पहले चरण में पेरिस पहुंचे। मंगलवार को वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ एआई एक्शन समिति की […]

Indian Army: भारतीय सेना दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर सेना है। अमेरिका, चीन और रूस के बाद शायद ही कोई देश भारत का मुकाबला कर सके। भारत के लिए एक मजबूत सेना का होना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि चीन और पाकिस्तान जैसे उसके पड़ोसी देश हमेशा भारत के खिलाफ खड़े रहते हैं।

हालांकि आजादी के बाद से ही भारत अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रहा है। इस वजह से भी भारत की ताकत दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। […]

रुद्रपुर एक युवक ने पांच युवकों पर तलवार और धारदार हथियार से हमला कर गंभीर रूप से घायल करने का आरोप लगा है। पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ केस दर्ज किया है। ट्रांजिट कैंप थाने में दी तहरीर में विवेकनगर निवासी सुरेश कुमार ने कहा है कि पांच फरवरी की दोपहर उन्होंने अपने बेटे अंकित को किसी काम से जिला न्यायालय भेजा था।

वहां से अंकित अपने दोस्त ध्रुव के साथ स्कूटी से वापस आ रहा था। आरोप है कि न्यूज प्रिंट कार्यालय के पास पहले से घात लगाए बैठे अक्षय, अनमोल, विक्रांत, […]

रुद्रपुर प्रयागराज महाकुंभ के लिए श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए रुद्रपुर डिपो ने कानपुर रूट की बस के अलावा दो अतिरिक्त बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। अब प्रयागराज के लिए डिपो की तीन नियमित बसें संचालित की जाएंगी।

एआरएम केएस राणा ने बताया कि बीती 15 जनवरी को प्रयागराज के लिए डिपो की कानपुर रूट की बस का इस रूट पर संचालन किया गया था। कुछ ही दिनों […]

उत्तराखंड कई प्राइवेट अस्पताल गोल्डन कार्ड पर इलाज की सुविधा देने से इनकार करने लगे हैं। दरअसल, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा योजना के तहत समय पर भुगतान नहीं करने से यह नौबत आई है।

उत्तराखंड में सरकार ने करीब तीन लाख सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके आश्रितों को गोल्डन कार्ड योजना में शामिल किया है। योजना के तहत इन सभी लोगों को देशभर में […]

किच्छा। शंकर फार्म क्षेत्र में सोमवार को जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की सूचना पर विधायक तिलक राज बेहड़ का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर पहुंच कर कर्मचारियों से मीटर छीन हाईवे पर पटक कर तोड़ डाले।

गुस्सा इस कदर कि सड़क पर टूटे पड़े मीटर ईंट से तोड़ते रहे। बेहड़ का गुस्सा देख स्मार्ट मीटर लगाने के लिए ग्रामीणों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दे रहे […]