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सनातन चिंतन को नई दिशा देता “सृष्टिदर्शन”: गुरुग्राम में भव्य विमोचन

उत्तराखंड,चारधाम यात्रा के लिए व्यावसायिक वाहनों के ग्रीन कार्ड 23 मार्च से बनने शुरू हो जाएंगे। दुर्घटना नियंत्रण के लिए ग्रीन कार्ड बनाने को वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर परिवहन विभाग इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरतने का दावा कर रहा है।

इस साल, चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होने वाली है। इस भव्य त्योहार की शुरुआत पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) की रस्म के साथ होगी। नवरात्रि के उत्सव 27 मार्च को महानवमी के साथ समाप्त होंगे।

18 March 2026: पढ़ें अपना दैनिक राशिफल (Dainik Rashifal) और जानें अपना आज का भविष्य। आज का राशिफल (Daily Horoscope), वैदिक ज्योतिष की गणना पर आधारित है। इस राशिफल (Dainik Rashifal) की मदद से आप यह जान सकते हैं कि आज का दिन आपके लिए कैसा बीतेगा।

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वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र नवरात्रि का पर्व 19 मार्च 2026 से आरंभ हो रहा है, जिसका समापन 27 मार्च को राम नवमी के साथ होगा। चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है, जो मां दुर्गा की आराधना को समर्पित होता है।

इस दौरान भक्त नौ दिनों तक व्रत रखकर मां के विभिन्न स्वरूपों की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना…

नवरात्रि 2026: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. यह पर्व मां दुर्गा की आराधना का प्रतीक है, जिसमें श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत रखकर और विधि-विधान से पूजा कर शक्ति की उपासना करते हैं.

वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से प्रारंभ होकर 27 मार्च तक मनाई जाएगी.…

19 मार्च, 2026, धार्मिक और ज्योतिषीय, दोनों ही दृष्टिकोणों से एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन होने वाला है। इसका कारण यह है कि इस एक ही दिन कई प्रमुख त्योहार, व्रत और दुर्लभ खगोलीय संयोग एक साथ घटित हो रहे हैं; परिणामस्वरूप, 19 मार्च को ‘सुपर कंजंक्शन’ या ‘महा संयोग’ (*Maha Samyog*) के दिन के रूप में सराहा जा रहा है।

19 मार्च वास्तव में एक विशेष दिन होगा, जब विविध त्योहारों और परंपराओं का एक…

ईरान के एकमात्र एक्टिव न्यू्क्लियर पावर प्लांट बुशहर के पास मंगलवार (17 मार्च 2026) की शाम प्रोजेक्टाइल मिसाइल से हमला किया गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया. हालांकि राहत की बात यह है कि प्लांट को कोई नुकसान नहीं हुआ और कोई भी कर्मचारी घायल नहीं हुआ.

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जंग तीसरे…

दुनिया

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फौजी मटकोटा में गूंजेगा मां भुवनेश्वरी का जयकारा, 14 अप्रैल को पहुंचेगी दिव्य डोली

सनातन चिंतन को नई दिशा देता “सृष्टिदर्शन”: गुरुग्राम में भव्य विमोचन

उत्तराखंड,चारधाम यात्रा के लिए व्यावसायिक वाहनों के ग्रीन कार्ड 23 मार्च से बनने शुरू हो जाएंगे। दुर्घटना नियंत्रण के लिए ग्रीन कार्ड बनाने को वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर परिवहन विभाग इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरतने का दावा कर रहा है।

इस साल, चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होने वाली है। इस भव्य त्योहार की शुरुआत पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) की रस्म के साथ होगी। नवरात्रि के उत्सव 27 मार्च को महानवमी के साथ समाप्त होंगे।

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इस साल, चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होने वाली है। इस भव्य त्योहार की शुरुआत पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) की रस्म के साथ होगी। नवरात्रि के उत्सव 27 मार्च को महानवमी के साथ समाप्त होंगे।

हालाँकि, इस साल नवरात्रि की शुरुआत एक काफी दुर्लभ खगोलीय संयोग के साथ हो रही है। पहले दिन-यानी घटस्थापना के…

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18 March 2026: पढ़ें अपना दैनिक राशिफल (Dainik Rashifal) और जानें अपना आज का भविष्य। आज का राशिफल (Daily Horoscope), वैदिक ज्योतिष की गणना पर आधारित है। इस राशिफल (Dainik Rashifal) की मदद से आप यह जान सकते हैं कि आज का दिन आपके लिए कैसा बीतेगा।

क्या आपको शानदार परिणाम मिलेंगे या दिन मिलाजुला रहेगा अथवा करना होगा चुनौतियों का सामना। इसमें सभी 12 राशियों (मेष,…

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हिंदू कैलेंडर में अमावस्या की तिथि का अपना ही एक अलग और गहरा महत्व है। लेकिन, जब बात चैत्र अमावस्या (Chaitra Amavasya 2026) की आती है, तो इसकी अहमियत और भी बढ़ जाती है।

उत्तराखंड में बदला मौसम: बर्फबारी के बाद अब बढ़ेगा तापमान, पहाड़ों में हल्की बारिश के आसार

भीमताल सीट पर सियासी उबाल: 13 कांग्रेस दावेदार मैदान में, पैराशूट राजनीति के खिलाफ बिगुल — “हरीश पनेरू सबसे भारी”

देहरादून में ‘फ्यूचर कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी’ पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का शुभारम्भ, राष्ट्रीय सम्मेलन का पोस्टर भी जारी

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र नवरात्रि का पर्व 19 मार्च 2026 से आरंभ हो रहा है, जिसका समापन 27 मार्च को राम नवमी के साथ होगा। चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है, जो मां दुर्गा की आराधना को समर्पित होता है।

इस दौरान भक्त नौ दिनों तक व्रत रखकर मां के विभिन्न स्वरूपों की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इन दिनों देवी की उपासना करने से जीवन से…

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नवरात्रि 2026: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. यह पर्व मां दुर्गा की आराधना का प्रतीक है, जिसमें श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत रखकर और विधि-विधान से पूजा कर शक्ति की उपासना करते हैं.

वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से प्रारंभ होकर 27 मार्च तक मनाई जाएगी. इस बार नवरात्रि को खास बनाने वाले कई ज्योतिषीय संयोग बन रहे हैं. ज्योतिषाचार्यों के…

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19 मार्च, 2026, धार्मिक और ज्योतिषीय, दोनों ही दृष्टिकोणों से एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन होने वाला है। इसका कारण यह है कि इस एक ही दिन कई प्रमुख त्योहार, व्रत और दुर्लभ खगोलीय संयोग एक साथ घटित हो रहे हैं; परिणामस्वरूप, 19 मार्च को ‘सुपर कंजंक्शन’ या ‘महा संयोग’ (*Maha Samyog*) के दिन के रूप में सराहा जा रहा है।

19 मार्च वास्तव में एक विशेष दिन होगा, जब विविध त्योहारों और परंपराओं का एक अनूठा संगम, वह भी केवल 24 घंटों की अवधि के भीतर, देखने को मिलेगा। परिणामस्वरूप,…

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ईरान के एकमात्र एक्टिव न्यू्क्लियर पावर प्लांट बुशहर के पास मंगलवार (17 मार्च 2026) की शाम प्रोजेक्टाइल मिसाइल से हमला किया गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया. हालांकि राहत की बात यह है कि प्लांट को कोई नुकसान नहीं हुआ और कोई भी कर्मचारी घायल नहीं हुआ.

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जंग तीसरे हफ्ते में पहुंच चुकी है. इस वजह से परमाणु सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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NEET में किसने किया चीट? 23 लाख छात्रों के भविष्य पर लगा प्रश्नवाचक चिन्ह

होम शिक्षा NEET में किसने किया चीट? 23 लाख छात्रों के भविष्य पर लगा प्रश्नवाचक चिन्हNEET में किसने किया चीट? 23 लाख छात्रों के भविष्य पर लगा प्रश्नवाचक चिन्ह NTA […]

बाबा विश्वनाथ जगदीशिला डोली यात्रा गुरु वशिष्ठ की तपोभूमि विशोन पर्वत से शुरू होकर जिसका वर्णन केदार खंड में है तथा यहां भगवान राम तथा हम सभी के गुरु वशिष्ठ जी ने तपस्या की थी तथा व्यावहारिक वेदांत की धनी स्वामी रामतीर्थ जी ने भी इसी स्थल पर तपस्या की है।यह स्थान गढ़वाल मंडल में टिहरी जिला 11 गांव हिंडावबाबा विश्वनाथ मां जगदीशिला डोली यात्रा का शुभारंभ 16 मई को ढूंग से हुआ था। इस वर्ष यात्रा को रजत जयंती समारोह के रूप में मनाया जा रहा है।17 मई को हरिद्वार में गंगा स्नान करके उत्तराखंड के विभिन्न देवस्थलों से गुजरती हुई 09 जून 2024 को दिन रविवार सायं 04.30 बजे गल्ला मंडी आएगी उसके पश्चात मुख्य बाजार होते हुए गंगापुर रोड पर श्री नीलकंठ धाम शैलजा कॉलोनी में डोली का भव्य स्वागत किया जाएगा उसके पश्चात होटल कोरीयनथन जेपीएस स्कूल के सामने तीन पानी रोड़ गणेश गार्डन रुद्रपुर पहुंचेगी। वहा पर स्वागत एवं रात्रि 07.00 बजे से भव्य श्री बाला जी का दरबार एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा। यात्रा के स्वागत की भव्य तैयारियां की गई हैं। क्षेत्र की समस्त जनता को उक्त कार्यक्रम में शामिल होने का आवाहन किया।

बाबा विश्वनाथ जगदीशशिला डोली यात्रा के जिला उधम सिंह नगर संयोजक दिनेश भट्ट जी का कहना है कि बाबा विश्वनाथ जगदीश शिला डोली पूरे उत्तराखंड के भ्रमण पर निकली है। […]

चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कंगना रनौत को थप्पड़ मारने वाली CISF कॉन्सटेबल को सस्पेंड कर दिया गया है (Kangana Ranaut Slapped). हमले को लेकर कंगना की बहन रंगोली का बयान सामने आया है (Kangana Sister Rangoli Reacts).

उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कंगना का वीडियो शेयर करते हुए आरोपी CISF जवान कुलविंदर कौर (Kulwinder Kaur) को खालिस्तानी करार दे दिया. लिखा कि कंगना बहन बहुत मजबूत है […]

कल 9 जून 2024 को रुद्रपुर पहुंच रही बाबा विश्वनाथ मां जगदीश शिला डोली यात्रा।  बाबा विश्वनाथ जगदीश शिला डोली यात्रा को लेकर रुद्रपुर में बैठक! Dinesh Chand Bhatt

उल्लेखनीय है कि इस यात्रा का शुभारंभ 16 मई को ढूंग से हुआ था। जो उत्तराखंड के विभिन्न देवस्थलों से गुजरती हुई 9जून2024 को दिन रविवार सायं 5:00 बजे” होटल […]

पिथौरागढ़ के राज्य आंदोलनकारी ज्योति सिंह धरियाल की निधन पर उत्तराखंड के समस्त राज्य आंदोलनकारियो ने गहरा दुख व्यक्त किया है ज्योति सिंह घड़ियाल ने उत्तराखंड आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया था और एक आंदोलन में गिरफ्तारी दी थी उनका कल 88 वर्ष की आयु में पिथौरागढ़ में निधन हो गया

धीरेंद्र प्रताप ने राज्यपाल से 10% आंदोलनकारी क्षैतीज आरक्षण पर मोहर लगाने की मांग उठाई उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य […]

मंत्रीमंडल में उत्तराखंड को भी मिल सकता है प्रतिनिधित्वनई दिल्ली/देहरादून एनडीए को इस बार 293 सीटों के साथ बहुमत मिला है। नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस की संसदीय दल की बैठक सेंट्रल हॉल में पूरी हुई। यहां मोदी को एनडीए के संसदीय दल का नेता चुना गया। कार्यवाहक पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से नई दिल्ली में मुलाकात की। पीएम मोदी लालकृष्ण आडवाणी के घर उनसे मिलने पहुंचे। इसके तुरंत बाद ही नरेंद्र मोदी मुरली मनोहर जोशी से मिलने पहुंचे।

वही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एनडीए सांसदों की बैठक में मोदी जी को तीसरी बार एनडीए का नेता, संसदीय दल का नेता और नेता सदन चुने जाने […]

काशीपुर( आईटीआई थाना क्षेत्र से बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में लापता एक छात्रा को पुलिस ने ढूंढ निकाला। इस मामले में पुलिस ने धारा 365 आईपीसी में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर धारा 365 को 363 आईपीसी में तरमीम कर धारा 376 एवं पोक्सो एक्ट की बढ़ोतरी कर दी। गिरफ्तार अभियुक्तको जरूरी पूछताछ के बाद पुलिस द्वारा जेल रवाना कर दिया गया। बता दे कि आईटीआई थाना क्षेत्र निवासी 15 वर्षीय एक किशोरी बीते 3 अप्रैल की सुबह 8ः00 बजे के लगभग घर से स्कूल के लिए निकली लेकिन रास्ते से वह बेहद संदीप परिस्थितियों में लापता हो गई। काफी देर तक घर न पहुंचने पर परिजनों को इसकी चिंता सताने लगी। उन्होंने तमाम संभावित स्थानों पर गायक छात्र की तलाश किया लेकिन उसका पता नहीं चला। परिजनों द्वारा मामले की तहरीर पुलिस को देने पर पुलिस ने इस मामले में धारा 365 आईपीसी के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर गायब किशोरी का पता लगाना शुरू किया। विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि ग्राम कादलपुर थाना दनकौर नोएडा जनपद गौतम बु( नगर उत्तर प्रदेश शिवकुमार उर्फ छोटू पुत्र भगवान दास उसके घर आता जाता था। किशोरी को उसी में भगाया होगा। पुलिस ने इसी को आधार बनाकर सीसीटीवी कैमरा की फुटेज के आधार पर मुरादाबाद ठाकुरद्वारा बिजनौर आदि स्थानों पर ताबड़तोड़ दबिश देना शुरू किया इसी बीच फरार अभियुक्त काशीपुर में रोडवेज बस स्टैंड से दबोच लिया गया। पुलिस के मुताबिक वह सुरक्षित ठिकाने की ओर कूंच करने वाला था। कार्यवाही के दौरान पुलिस ने गायब किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। किशोरी का मेडिकल परीक्षण करने के बाद पुलिस ने मामले को धारा 363 में तरमीम करते हुए धारा 376 आईपीसी तथा पोक्सो एक्ट की बढ़ोतरी कर आवश्यक जानकारी जुटाने के बाद गिरफ्तार अभियुक्त को जेल रवाना कर दिया।

किच्छा पुलभट्टा थाना पुलिस ने चैकिंग के दौरान तीन नशा तस्करों को लाखों रूपये कीमत की अवैध स्मैक सहित गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार थानाध्यक्ष पुलभट्टा रविन्द्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा रात्रि चैकिग के दौरान चौकी बरा क्षेत्रान्तर्गत बैगुल पुल के पास बिना नम्बर की मोटर साईकिल पर जा रहे तीन संदिग्ध युवकों को पकड़ कर पूछताछ की तो उन्होंने अपना नाम पता लखविन्दर सिंह पुत्र सुच्चा सिंह निवासी ग्राम सिरौजा नानकमत्ता, सरताज पुत्र अकील अहमद निवासी नयागांव सिसैया सितारगंज तथा स्वर्ण सिंह पुत्र सुच्चा सिंह निवासी ग्राम सिरौजा थाना नानकमत्ता बताया। तलाशी लेने पर पुलिस ने लखविन्दर सिंह के पास से कुल 52 ग्राम स्मैक तथा मोटरसाईकिल संख्या यूके 06बीएफ 8760 बरामद की। सरताज के पास से 50 ग्राम स्मैक तथा स्वर्ण सिंह के कब्जे से 22 ग्राम कुल 124 ग्राम स्मैक बरामद किया गया। पूछताछ में तीनो ने बताया कि यह स्मैक की खेप नानकमत्ता क्षेत्र से लाकर किच्छा एंव पुलभट्टा क्षेत्र में नशेडी लोगो को बेचने के लिए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि बरामद स्मैक की कीमत लगभग 5 लाख रूपये है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष रविन्द्र सिह बिष्ट, उनि पंकज कुमार, उनि धीरज वर्मा, हेका. रमवीर, कां रमेश सती, इन्द्रप्रकाश, महेन्द्र सिह बिष्ट. दीपक व अनिल कुमार शामिल थे।

किच्छा । कोतवाली पुलिस ने क्षेत्रान्तर्गत विगत दिनों हुयी वाहन चोरी की घटनाओं के अनावरण करते हुए चोरी की आठ मोटरसाईकिलों सहित तीन ऑटो लिफ्टरों को गिरफ्रतार कर लिया। मामले का खुलासा करते हुए एसपी क्राईम चन्द्रशेखर घोटके ने बताया कि कोतवाली किच्छा में वाहन चोरी की घटनाओं के अनावरण हेतु थाना स्तर पर पुलिस टीम का गठन किया गया था। टीम द्वारा वाहन चौकिंग के दौरान हल्द्वानी रोड में बेनी मजार के पास बिना नम्बर की मोटर साईकिल पर सवार तीन लड़कों को रोका गया । जो पुलिस पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया। उनके कब्जे से 2 मई को गुंजन पैलेस किच्छा से चोरी हुई मोटर साईकिल संख्या यूपी 25 बीबी 6775 बरामद हुई। पूछताछ करने पर उत्तफ तीनों की निशादेही पर चोरी की सात अन्य मोटर साईकिलें बरामद हुयी। पूछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम पता सुकुम सिंह पुत्र शंकर सिंह निवासी गोल गेट थाना पंतनगर,कृष कुमार पुत्रा प्रदीप कुमार निवासी बेनी कॉलोनी थाना पंतनगर तथा आबिद अली उपर्फ छन्नू पुत्रा साकिर अली निवासी गोल गेट पंतनगर बताया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक सुन्दरम शर्मा, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली किच्छा,वउनि विनोद जोशी, उनि विजय कुमार, ओमप्रकाश सिंह नेगी, अर्जुन सिंह, राजेन्द्र पंत,अपर उनि जगदीश महरा, का. त्रिलोक पाण्डे, खष्टी पाठक व मोनिया शामिल थे।

रूद्रपुर । आज दोपहर सिडकुल स्थित एक फैक्ट्री में कार्य के दौरान सिलेंडर फट जाने से वहां कार्य कर रहा एक श्रमिक गंभीर रूप एउसे झुलस गया । जिसे फैक्ट्री के चाहन से उपचार के लिए जिला चिर्कित्सालय ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार करा कर श्रमिक को तत्कात अन्यत्र ले गये। फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा मामले को पूरी तरह से गोपनीय रखने का प्रयास किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार आज दोपहर सिडकुल स्थित एक फैक्ट्री में कार्य के दौरान तेज धमाके से सिलेंडर फट गया। जिससे वहां काम कर रहे श्रमिकों में हड़कम्प मच गया। इस दौरान मौके पर काम कर रहा एक श्रमिक गंभीर रूप एसे घायल हो गया। उसका शरीर कई जगह से झुलस गया और सिर तथा अन्य अंगों पर गहरी चोटें भी आ गई। अचानक हुई इस दुर्घटना से फैक्ट्री प्रबंधन में खलबली मच गई। आनन फानन में घायल श्रमिक को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय ले जाया गया। जहां महज उपचार की औपचारिकता निभाकर घायल श्रमिक को साथ आये पैफक्ट्री अधिकारी अन्यत्र ले गये। जब चिकित्सालय में अधिकारियांे से घायल श्रमिक का नाम पता जानना चाहा तो वह बिना कुछ बताये श्रमिक को साथ लेकर चले गये। इधर चिकित्सालय स्टॉफं का कहना था कि अधिकारियों द्वारा चिकित्सालय में घायल श्रमिक का नाम पता दर्ज नहीं कराया गया और जल्दबाजी में उसे ले गये। प्रबंधन द्वारा मामला पूरी तरह से दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /प्रिंटिंग मीडिया शैल ग्लोबल टाइम्स /संपादक अवतार सिंह बिष्ट , रूद्रपुर, उत्तराखंड