नगर जिले के दिनेशपुर में सोमवार को शुगर की ‘चमत्कारी’ दवा के अवैध धंधे का भंडाफोड़ हुआ है। एलोपैथिक दवाइयां और हिरण के सींग को मिलाकर बनाए गए चूर्ण को आयुर्वेदिक दवा बताकर धड़ल्ले से बेचा जा रहा था।

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मौके से हिरण के सात सींगों के साथ बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाइयां, तैयार माल और उपकरण बरामद हुए हैं। पुलिस ने मौके से आरोपी को हिरासत में लिया है।

पुलिस-प्रशासन, आयुर्वेदिक-यूनानी, औषधि एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने सोमवार को दिनेशपुर नगर पंचायत कार्यालय के पीछे वार्ड नंबर दो स्थित एक घर में छापेमारी की। मौके पर नकली आयुर्वेदिक दवा तैयार की जा रही थी। इससे दो कमरे भरे हुए थे, जो करीब 50 कुंतल माल बताया जा रहा है। जबकि शुगर की एलोपैथिक दवा पीआईएलजीपीएम-एसआर-2 की सात पेटियां बरामद हुईं।

हिरण की सींग पीसकर शुगर की दवाई बता खिलाई

एक पेटी में 40 बॉक्स, एक बॉक्स में 20 स्ट्रिप और प्रत्येक स्ट्रिप में 12 टैबलेट पाए गए। विटामिन और कैल्शियम साल्ट युक्त पीआईएल नैनो दवा भी भारी मात्रा में मिली। कई बोरों में बंद खाली पैकेट बरामद हुए। आरोपी एलोपैथिक दवाइयां और हिरण के सींग को पीसकर कथित रूप से आयुर्वेदिक शुगर कंट्रोल चूर्ण तैयार करता था। टीम को मौके पर दवा मिलाने और पीसने वाली मशीनें मिली हैं। इनकी कीमत लाखों में बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से स्वरूप सिंह नाम के व्यक्ति को हिरासत में लिया है।

तस्करी में भी पूछताछ

वन क्षेत्राधिकारी रूप नारायण गौतम ने बताया कि बरामद हिरण के सींगों की जांच की जा रही है। इसकी तस्करी या शिकार के बारे में पूछताछ की जा रही है। छापेमारी की कार्रवाई में शामिल टीम में एसडीएम गदरपुर ऋचा सिंह, थानाध्यक्ष रविन्द्र बिष्ट, जिला अपर आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डॉ. दीपक कुमार सरकार, औषधि निरीक्षक शुभम कोटनाला आदि शामिल रहे।

हजार रुपये में एक पुड़िया

दवा की एक पुड़िया एक हजार रुपये तक बेची जाती थी। सोशल मीडिया के जरिये प्रचार की बात भी सामने आई है। आरोपी अपने ठिकाने से भी सीधे दवा बेचता था। लोगों में एक-दूसरे को बताकर यानी वर्ड ऑफ माउथ से अपनी दवा की मार्केटिंग करता था। खेप पश्चिम बंगाल, दिल्ली, यूपी में जाती थी।

आरोपी पर सख्त कार्रवाई होगी

एसडीएम ऋचा सिंह ने बताया कि नकली शुगर की दवाइयां बनाई जा रही थीं। एलोपैथिक दवाइयां और चूर्ण का जखीरा बरामद हुआ है। हिरण के सींग भी मिले हैं। वन विभाग, आयुर्वेदिक विभाग और पुलिस की ओर से आरोपी के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। सभी सामान सील कर दिया गया है। दवाइयों की सैंपलिंग भी कराई जा रही है। आरोपी पुलिस की हिरासत में है।


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