दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया’ ब्लॉक की बैठक कांग्रेस, टीएमसी समेत कई पार्टियों के प्रमुख नेता शामिल हुए। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी नेताओं का स्वागत किया और केंद्र सरकार पर हमला बोला।

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डीएमके और आम आदमी पार्टी ने गठबंधन से दूरी बना ली है। दोनों पार्टियों ने कांग्रेस पर धोखा देने के आरोप लगाए हैं।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड

कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हो रही बैठक में कांग्रेस के राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव और शिवसेना (उबाठा) के उद्धव ठाकरे समेत 22 विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं के शामिल हैं। ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव बैठक में शामिल हैं।

22 पार्टियों के टॉप लीडर शामिल

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को बताया कि 23 राजनीतिक दलों ने ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की बैठक में भागीदारी की पुष्टि की है। रमेश ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने अपने-अपने कारणों से इस विशेष बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) और आम आदमी पार्टी (आप) के बैठक में शामिल होने की संभावना नहीं है, जबकि तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के गठबंधन के एक नए घटक के रूप में भाग लेने की संभावना है। हालांकि, टीवीके को इस बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया। ऐसे में कुल 22 पार्टियों के नेता ही बैठक में शामिल हो रहे हैं। ‘आप’ पहले ही सार्वजनिक रूप से इस गठबंधन से दूरी बना चुकी है, जबकि डीएमके ने तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा उससे संबंध तोड़कर टीवीके नीत सरकार में शामिल होने के बाद बैठक का बहिष्कार करने का फैसला करने की घोषणा की है।

इन पार्टियों के नेता होंगे शामिल

  1. इंडियन नेशनल कांग्रेस
  2. ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस
  3. समाजवादी पार्टी
  4. राष्ट्रीय जनता दल
  5. जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस
  6. जम्मू और कश्मीर पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी
  7. झारखंड मुक्ति मोर्चा
  8. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
  9. नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार)
  10. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सिस्ट)
  11. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया
  12. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट) लिबरेशन
  13. रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी
  14. ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक
  15. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग
  16. विदुथलाई चिरुथैगल काची
  17. मरूमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम
  18. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (बेनीवाल)
  19. केरल कांग्रेस
  20. केरल कांग्रेस (M)
  21. विकासशील इंसान पार्टी
  22. भारत आदिवासी पार्टी

दो साल बाद हो रही गठबंधन की आधिकारिक बैठक

गठबंधन भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श करेगा और राज्यों के आगामी चुनावों तथा 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय मुद्दों पर मोदी सरकार का मुकाबला करने के लिए एकजुट मोर्चा के रूप में पेश करने का प्रयास करेगा। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हालिया हार ने भी विपक्षी गठबंधन को देश में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए एकजुट होने पर मजबूर किया है। इससे पहले, ‘इंडिया’ गठबंधन की आधिकारिक बैठक जून, 2024 में हुई थी।

डी. राजा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “लंबे समय बाद इंडिया गठबंधन की बैठक हो रही है। डीएमके ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उन्हें कांग्रेस पार्टी और उसके कामकाज को लेकर कुछ दिक्कतें हैं, इसलिए वे इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने न सिर्फ तमिलनाडु में बल्कि पूरे देश में यह बात साफ तौर पर कही है, इसलिए डीएमके का रुख स्पष्ट है।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें बैठक का न्योता मिला। एजेंडे को लेकर डी राजा ने कहा, “मुझे नहीं पता कि एजेंडा क्या है। मल्लिकार्जुन खड़गे ‘इंडिया’ गठबंधन के चेयरपर्सन हैं और उनके ऑफिस ने हमें बताया था कि बैठक है।”

इसी बीच, सीपीएम के महासचिव एमए बेबी ने कांग्रेस से नाराजगी के बावजूद पार्टी के बैठक में शामिल होने की बात कही।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब गठबंधन के कई अहम सहयोगी दल, जिनमें आम आदमी पार्टी, डीएमके और जेएमएम शामिल हैं, या तो बैठक का बहिष्कार कर रहे हैं या फिर सबसे पुरानी पार्टी (कांग्रेस) के कदमों पर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।

एमए बेबी ने कहा, “दिल्ली में ‘इंडिया’ ब्लॉक की बैठक हो रही है। जैसा कि आप जानते हैं, इंडिया’ ब्लॉक के गठन और तालमेल में सीपीएम का बहुत बड़ा योगदान रहा है। हालांकि, लोकसभा चुनावों के दौरान और उसके बाद विधानसभा चुनावों में भी, कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने पूरी तरह से मनगढ़ंत आधार पर सीपीएम और वामपंथी दलों (जिनमें एलडीएफ भी शामिल है) पर हमले किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि सीपीएम और एलडीएफ की भाजपा के साथ कोई गुप्त डील है।”

उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी पर ऐसे बेतुके और आधारहीन आरोप स्वीकार्य नहीं हैं। इसलिए, सीपीएम के महासचिव के तौर पर मैंने मल्लिकार्जुन खड़गे को एक पत्र लिखा और उस पत्र की प्रतियां ‘इंडिया’ ब्लॉक के अन्य सदस्यों को भी भेजीं। इसका मतलब यह नहीं है कि हम ‘इंडिया’ ब्लॉक से अलग हो रहे हैं।”

दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले कई पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टर में उन बयानों का जिक्र है, जो इंडिया गठबंधन में शामिल नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ दिए हैं। इसके साथ ही लिखा गया है कि जिस गठबंधन के नेता आपस में लड़ रहे हैं, वो साथ क्या लड़ेंगे। ये पोस्टर बीजेपी की तरफ से लगाए गए हैं।

उन्होंने देशभर में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) की आलोचना की। अपने प्रारंभिक भाषण में, खड़गे ने संसद में संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक को विफल करने में गठबंधन की एकता की सराहना की।

कांग्रेस नेता ने महंगाई और परीक्षाओं में अनियमितताओं पर चिंता व्यक्त की और केंद्र की भाजपा सरकार पर “समझौतावादी” विदेश नीति का आरोप लगाया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने खड़गे की टिप्पणियों को साझा करते हुए कहा, “इंडिया गुट के नेताओं की इस बैठक में आपका स्वागत है। यह समूह लगभग तीन साल पहले स्थापित हुआ था। मैं विस्तार में नहीं जाना चाहता क्योंकि हमारे सामने जो मुद्दे हैं, वे सभी को ज्ञात हैं। 17 अप्रैल, 2026 को हमने लोकसभा में एकता का एक मजबूत प्रदर्शन किया, जब हम सभी एक साथ खड़े हुए और मोदी सरकार के परिसीमन संबंधी विधेयकों को पराजित किया।

खड़गे ने आगे कहा कि हमें उसी भावना को बनाए रखना होगा ताकि हम मोदी सरकार के कुशासन के कारण उत्पन्न राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति संबंधी चुनौतियों का सामना कर सकें। एसआईआर के कारण लाखों लोगों के मतदान अधिकारों का हनन हो रहा है। संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं। जांच एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने और उन पर दबाव डालने के लिए किया जा रहा है। गैर-भाजपा सरकारों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आर्थिक स्थिति बेहद नकारात्मक है।

इंडिया ब्लॉक के नेता आज मीडिया से संवाद करेंगे। नए रोजगार सृजन के लिए आवश्यक निवेश की गति धीमी हो रही है। कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) का भविष्य संकट में है। परीक्षा प्रणाली के कुप्रबंधन के कारण लाखों युवाओं की आशाएं चुराई जा रही हैं। समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर भाजपा शासित राज्यों में, के खिलाफ अत्याचार जारी हैं। हमारी विदेश नीति कमजोर हो गई है और भारत द्वारा लंबे समय से समर्थित पारंपरिक मूल्यों को बनाए नहीं रखा गया है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “मैं ‘इंडिया’ समूह के नेताओं की इस बैठक में आप सभी का स्वागत करता हूं। यह समूह लगभग ठीक तीन साल पहले अस्तित्व में आया था। मैं ज्यादा नहीं बोलना चाहता क्योंकि हमारे सामने मौजूद मुद्दे आप सभी अच्छी तरह जानते हैं। हमने 17 अप्रैल को लोकसभा में अपनी एकजुटता और एकता को बहुत निर्णायक तरीके से दिखाया, जब हम सबने मजबूती से एकजुट होकर डिलिमिटेशन पर केंद्र सरकार के दुर्भावनापूर्ण बिलों को परास्त किया।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “अब हमें उसी भावना को और मजबूत करना है और आगे बढ़ाना है, ताकि केंद्र सरकार के कुशासन के कारण देश के सामने खड़ी कई राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सके। एसआईआर के कारण करोड़ों लोगों से उनका मताधिकार छीना जा रहा है। संविधान पर हमला लगातार जारी है। जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने और डराने-धमकाने के औजार के रूप में लगातार किया जा रहा है।”

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “गैर-भाजपा सरकारों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। जरूरी वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आर्थिक माहौल बेहद नकारात्मक है। नई नौकरियां पैदा करने के लिए जिस रफ्तार से नए निवेश आने चाहिए, वे बिल्कुल उस रफ्तार से नहीं आ रहे हैं। कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और एमएसएमई का भविष्य गंभीर संकट में है। परीक्षा प्रणाली के पूर्ण कुप्रबंधन के कारण हमारे लाखों युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात किया जा रहा है। समाज के कमजोर वर्गों पर अत्याचार, खासकर भाजपा शासित राज्यों में लगातार जारी हैं। हमारी विदेश नीति के साथ पूरी तरह से समझौता किया गया है और उन पारंपरिक मूल्यों को कायम नहीं रखा गया है, जिनका भारत लंबे समय से पुरजोर समर्थन करता रहा है।”

खड़गे ने कहा, “मैं प्रत्येक दल के नेताओं से अनुरोध करूंगा कि वे कुछ शब्द कहें, जिसके बाद हम आगे उठाए जाने वाले कदमों पर सामूहिक रूप से चर्चा कर सकते हैं। हम सभी संयुक्त रूप से मीडिया से मिलेंगे।”


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