इस अंतिम लोकेशन का पता बबीता के रात करीब डेढ़ बजे तक एक्टिव रहे मोबाइल एप के आधार पर किया गया है। इस लोकेशन को जानने के लिए एल्फा, बीटा व गामा तकनीकी का प्रयोग किया गया। बताया जा रहा है कि इस अंतिम लोकेशन के आधार पर भी खोज अभियान को गति दी जा रही है।

इधर, पूर्व ब्लाक प्रमुख भटवाड़ी विनीता रावत ने इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित लापता बबीता का परियों के द्वारा हरण करने की बात को अफवाह बताया है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
उन्होंने इस बात को पूरी तरह तथ्यहीन व रूढ़िवादी सोच को बढ़ावा देने वाली बताया। साथ ही जिला व पुलिस प्रशासन से लापता की खोजबीन को जारी अभियान में तेजी लाने की मांग की।

इधर, मंगलवार को 11 वें दिन सीओ उत्तरकाशी जनक सिंह पंवार व बड़कोट चंचल शर्मा के नेतृत्व में पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आइटीबीपी, वन विभाग, निम, आपदा प्रबंधन क्यूआरटी, डाग स्क्वाइड, स्थानीय लोग व गाइडों की करीब 120 से अधिक सदस्यों की तीन अलग-अलग टीमों ने खोज अभियान चलाया।
जिसमें तीन ड्रोन टीमें भी लगाई गई। बावजूद इसके लापता बबीता का कहीं कुछ पता नहीं चल पाया।
