उत्तर प्रदेश में जब भी अपराध की बात होती है, तो सबसे पहले हर किसी की जुबां पर पूर्वांचल का नाम आता है. लेकिन पूर्वांचल की बड़ी छवि के साये में पश्चिमी यूपी से भी कई कुख्यात अपराधी निकले, जिसमें से एक था विनय त्यागी.

विनय त्यागी खैर अब इन दुनिया में नहीं रहा. लेकिन जरायम की दुनिया में उसका नाम सालों-साल गूंजता रहा. करीब 29 साल तक उसने अपराध जगत में दबदबा बनाए रखा. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में हत्या, अपहरण, डकैती, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट सहित कुल 57 मुकदमे विनय त्याग पर दर्ज थे. हालांकि विनय त्यागी की मौत के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में दहशत का एक लंबा अध्याय खत्म हो गया.

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

अपराध की दुनिया में विक्रम त्यागी की कैसे हुई एंट्री
अपराध की दुनिया में विनय त्यागी का नाम पहली बार 1996 में आया. जब मुजफ्फरनगर के खाईखेड़ी गांव में प्रेम प्रसंग के विवाद में संदीप उर्फ टोनी और उसके बहनोई प्रदीप की हत्या कर दी गई. इस डबल मर्डर केस ने विनय त्यागी को जुर्म की दुनिया में धकेल दिया और फिर वह धीरे-धीरे पश्चिमी यूपी के कुख्यात अपराधियों की लिस्ट में शामिल हो गया. इस डबल मर्डर के बाद उसने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

पत्नी को दो बार बनवाया ब्लॉक प्रमुख
विनय त्यागी पैदा मुजफ्फरनगर में हुआ था. लेकिन उसका पारिवारिक आधार मेरठ से जुड़ा रहा. विनय के पिता मेरठ में नौकरी करते थे. वहीं से उसकी पढ़ाई भी हुई. बाद में उसने मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और देहरादून में प्रॉपर्टी विवादों और जबरन कब्जे के जरिए अपना नेटवर्क मजबूत किया. जुर्म की दुनिया में एंट्री के बाद उसको राजनीतिक संरक्षण भी मिला. विनय ने अपनी पत्नी को दो बार मुजफ्फरनगर के पुरकाजी ब्लॉक से ब्लॉक प्रमुख बनवाया और खुद देवबंद विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा.

पश्चिमी यूपी में बोलती थी तूती
राजनीतिक साठगांठ और अपराठ के गठजोड़ के कारण एक वक्त पर विनय त्यागी का पश्चिमी यूपी में जबरदस्त आतंक था. हत्या, अपहरण, फिरौती और डकैती के मामलों में उसका नाम मेरठ के सिविल लाइन, कंकरखेड़ा, लालकुर्ती, सदर बाजार, नौचंदी और ब्रह्मपुरी थानों से लेकर मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गाजियाबाद, दिल्ली और देहरादून तक दर्ज होता है. विनय त्यागी के खिलाफ कई बार गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई. बता दें कि हाल ही में विनय त्यागी को पेशी पर ले जाया जा रहा था, जहां उसपर पुलिस की सुरक्षा के बीच फायरिंग कर दी गई. इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया. लेकिन उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई.