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शरद पूर्णिमा 2026: अमृतमयी चांदनी, महालक्ष्मी की आराधना और आध्यात्मिक साधना का महापर्वश्री श्री पंडित ज्योतिष आचार्य एवं कर्मकांड विशेषज्ञ पंडित त्रिलोचन पनेरु के अनुसार जानिए शरद पूर्णिमा का धार्मिक महत्व, पूजा-विधान और शुभ मुहूर्त

उत्तराखंड रुद्रपुर/सनातन धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व माना जाता है।…

कांग्रेस की न्याय यात्रा पर राजेश शुक्ला का हमला, बोले—जनता को नारों से नहीं, काम और जवाबदेही से संतुष्ट करना होगाचुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस को याद आए जनहित के मुद्दे; यात्रा के उद्देश्य, उपलब्धियों और राजनीतिक मंशा पर उठाए सवाल

रुद्रपुर | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्सउत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की ओर…

रुद्रपुर को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने की पहल क्यों नहीं? 327 भिक्षुकों के पुनर्वास के लिए समाजसेवी, नेता और SIDCUL की कंपनियां मिलकर बनाएं ठोस योजना

रुद्रपुर को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने की पहल क्यों नहीं? 327 भिक्षुकों के पुनर्वास के लिए…

अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ सामने आए हैं. देहरादून कोर्ट पहुंचे राठौड़ ने नार्को टेस्ट के लिए अपनी सहमति जताई और इसका पत्र भी मीडिया को दिखाया.

वहीं उर्मिला राठौर भी अदालत में उनके बाद आईं. दोनों ने नार्को टेस्‍ट कराए जाने…

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मंचों पर नशामुक्त उत्तराखंड की शपथ, गली-मोहल्लों में नशे का कारोबार!

हिंदू धर्म में करवा चौथ (Karwa Chauth 2026) के पर्व का विशेष महत्व है। सुहागिन महिलाएं इस पर्व के आने का बेसब्री से इंतजार करती हैं। हर साल यह व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है।

हनुमान चालीसा में हनुमान जी की शक्ति, बुद्धि और भक्ति की प्रशंसा की गई है। रामायण की कुछ कहानियों में देखा जा सकता है कि कैसे उन्होंने दूसरों की मदद करने के लिए इन गुणों का इस्तेमाल किया।

वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, व्यापार, तर्क और संचार का कारक माना जाता है। बुध की चाल में बदलाव को ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग बताया जाता है।

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24 अक्टूबर 2026 से बुध वक्री होने जा रहे हैं। इस दौरान वृषभ, धनु और कुंभ राशि के जातकों के…

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चौथा सवाल: क्या उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में सामने आए मामले खतरे की घंटी हैं?उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में सामने आई कुछ घटनाएं बताती हैं कि किशोरों के बीच हिंसा को हल्के में नहीं लिया जा सकता

उत्तराखंड — अगस्त 2025: कक्षा नौ के एक छात्र पर शिक्षक को गोली मारने का आरोप लगा। रिपोर्ट के अनुसार,…

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संपादकीय | नाबालिगों के हाथों में किताबों की जगह हथियार क्यों? कानून का डर खत्म हो रहा है या समाज की जिम्मेदारी?

नशा मुक्त उत्तराखंड का संदेश लेकर उतरे CM धामी, दलेर मेहंदी विवाद पर बोले—‘अतिथि देवो भवः’; मीका सिंह ने मांगी माफी

धामी सरकार के तीन बड़े संदेश: कलाकारों से संवाद, खिलाड़ियों को मुफ्त बस यात्रा और 1234 मेगावाट बिजली खरीद पर आयोग के सवाल

मदरसों में प्रेम-सद्भाव की तालीम, गरीब छात्रों को कोचिंग में राहत और कारोबारियों को जीएसटी लाभ; धामी कैबिनेट के फैसलों से शिक्षा, विकास और व्यापार पर फोकस

शरद पूर्णिमा 2026: अमृतमयी चांदनी, महालक्ष्मी की आराधना और आध्यात्मिक साधना का महापर्वश्री श्री पंडित ज्योतिष आचार्य एवं कर्मकांड विशेषज्ञ पंडित त्रिलोचन पनेरु के अनुसार जानिए शरद पूर्णिमा का धार्मिक महत्व, पूजा-विधान और शुभ मुहूर्त

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रुद्रपुर को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने की पहल क्यों नहीं? 327 भिक्षुकों के पुनर्वास के लिए समाजसेवी, नेता और SIDCUL की कंपनियां मिलकर बनाएं ठोस योजना

रुद्रपुर को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने की पहल क्यों नहीं? 327 भिक्षुकों के पुनर्वास के लिए समाजसेवी, नेता और SIDCUL की कंपनियां मिलकर बनाएं ठोस योजना2687 पंजीकृत NGO, करीब 500 समाजसेवी…

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अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ सामने आए हैं. देहरादून कोर्ट पहुंचे राठौड़ ने नार्को टेस्ट के लिए अपनी सहमति जताई और इसका पत्र भी मीडिया को दिखाया.

वहीं उर्मिला राठौर भी अदालत में उनके बाद आईं. दोनों ने नार्को टेस्‍ट कराए जाने को लेकर अपनी सहमति का पत्र अदालत को सौंप दिया है. यानि उन्‍हें अपना नार्को…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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नाम-कंचन नाथ। उम्र-17 साल। कर्म-मानव कल्याण के लिए तप। संपत्ति-करोड़ों की मालकिन और स्थान ढाकल गांव, हरियाणा। यह परिचय उस किशोरी का है, जिसने सांसारिक मोह-माया त्यागकर साध्वी का जीवन अपना लिया।

कंचन नाथ इन दिनों चिलचिलाती धूप में ‘अग्नि तप’ कर रही हैं, और उनके तप की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/…

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SIR पर देशव्यापी सियासी संग्राम: 200 से अधिक संगठनों का विरोध, जवाब में BJP की पदयात्रा; उत्तराखंड में भी मतदाता सूची पर बढ़ सकती है बहस

23 अक्टूबर को ‘पीपल अगेंस्ट SIR’ के आंदोलन का आह्वान, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग; भाजपा 31 अक्टूबर तक चलाएगी जनसंपर्क अभियाननई दिल्ली। मतदाता सूची के […]

भाजपा के शासन में उधम सिंह नगर: 43% बढ़े मतदाता, सरकारी जमीनों पर कब्जे और बदलते लोकतंत्र पर गंभीर सवाल

सत्ता भाजपा की, शासन की जिम्मेदारी भाजपा सरकार की—फिर सरकारी जमीनों की सुरक्षा, कथित भू-माफिया के प्रभाव और तेजी से बदलते जनसांख्यिकीय समीकरणों का जवाब कौन देगा?संपादकीय | हिंदुस्तान ग्लोबल […]

मंचों पर नशामुक्त उत्तराखंड की शपथ, गली-मोहल्लों में नशे का कारोबार!

मुख्यमंत्री जी, वॉकथॉन से आगे बढ़कर वार्डों और पहाड़ों की हकीकत भी देखिए अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने का संकल्प सुनने में जितना […]

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इस व्रत को सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से अखंड सौभाग्य, पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक […]

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हनुमान चालीसा की एक चौपाई जम कुबेर दिगपाल जहां ते, कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते” और “तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा, राम मिलाये राज पद दीन्हा” छंद इसका सबसे सुंदर […]

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24 अक्टूबर 2026 से बुध वक्री होने जा रहे हैं। इस दौरान वृषभ, धनु और कुंभ राशि के जातकों के लिए करियर, आर्थिक मामलों और अधूरे कामों की समीक्षा से […]