रुद्रपुर, 17 जुलाई। भगवती प्रोडक्ट्स लिमिटेड (माइक्रोमैक्स) में घोषित ले-ऑफ समाप्त कराने, न्यूनतम वेतनमान लागू करने, श्रमिक संयुक्त मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष दलजीत सिंह को जारी गुंडा एक्ट की नोटिस वापस लेने तथा औद्योगिक इकाइयों में बढ़ते श्रमिक हादसों पर रोक लगाने की मांग को लेकर शुक्रवार को श्रमिक संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगों पर कार्रवाई की मांग की गई।
मोर्चा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सिडकुल पंतनगर स्थित भगवती-माइक्रोमैक्स में राज्य सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतनमान का पालन नहीं किया जा रहा है। इसी बीच प्रबंधन ने 1 जुलाई से 14 अगस्त 2026 तक ले-ऑफ घोषित कर दिया, जिससे पहले से कम वेतन पाने वाले श्रमिकों के सामने आजीविका का संकट और गहरा गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह कदम औद्योगिक विवाद के बीच उठाया गया है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन ने औद्योगिक नीति और सिडकुल नियमों के विपरीत प्लांट के एक हिस्से को दूसरी कंपनी को गोदाम के रूप में उपयोग के लिए दे दिया है। साथ ही उच्चतम न्यायालय में हुए समझौते का भी पूर्ण पालन नहीं किया गया है। उन्होंने मामले की जांच कर प्रबंधन के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान श्रमिक संयुक्त मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष दलजीत सिंह को गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत जारी नोटिस का भी विरोध किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नोटिस का आधार वर्ष 2018 से 2022 के श्रमिक आंदोलनों के दौरान दर्ज मुकदमे हैं, जिनमें किसी भी मामले में आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं। एक मामले में वे दोषमुक्त हो चुके हैं तथा दूसरे मामले पर उच्च न्यायालय से रोक लगी हुई है। इसलिए नोटिस को निरस्त किया जाना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने जिले की औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का भी मुद्दा उठाया। उनका आरोप था कि कई फैक्ट्रियों में श्रमिक लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। रावा हाईटेक कंपनी की घटना का उल्लेख करते हुए बताया गया कि 19 जून 2026 को श्रमिक आकाश की प्रेस मशीन में तीन उंगलियां कट गई थीं। इस मामले में पीड़ित को उचित उपचार और न्याय दिलाने तथा कंपनी के सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की गई।
ज्ञापन में मांग की गई कि भगवती-माइक्रोमैक्स में घोषित ले-ऑफ तत्काल समाप्त कर सभी श्रमिकों को कार्य पर वापस लिया जाए, न्यूनतम वेतनमान लागू किया जाए, नियमों के उल्लंघन पर प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई हो, दलजीत सिंह को जारी नोटिस वापस ली जाए तथा औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रदर्शन में श्रमिक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष दिनेश तिवारी, कार्यकारी अध्यक्ष दलजीत सिंह, सीएसटीयू के महासचिव मुकुल श्री, धीरज जोशी, विजय कुमार, एआईसीसीटीयू की अनीता अन्ना, भगवती एम्प्लाइज यूनियन के ठाकुर सिंह और लोकेश पाठक, इंकलाबी मजदूर केंद्र के दिनेश भट्ट, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के दिनेश उपाध्याय, एलजीबी वर्कर्स यूनियन के गोविंद सिंह, रावा हाईटेक के श्रमिक आकाश, पारले मजदूर संघ के प्रमोद तिवारी सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में मजदूर शामिल रहे।
संपादकीय: श्रमिक सुरक्षा और सम्मान पर गंभीर पहल जरूरी,किसी भी औद्योगिक राज्य की प्रगति का आधार उसके श्रमिक होते हैं। यदि मजदूरों को न्यूनतम वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियाँ उपलब्ध न हों, तो विकास का दावा अधूरा रह जाता है। हाल के दिनों में ले-ऑफ, श्रमिक दुर्घटनाओं और श्रम कानूनों के पालन को लेकर उठे सवाल प्रशासन और उद्योग प्रबंधन दोनों के लिए चिंता का विषय हैं। श्रमिक संगठनों की मांगों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और उद्योगों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। संवाद, पारदर्शिता और कानूनसम्मत समाधान ही औद्योगिक शांति तथा निवेश और श्रमिक हितों के बीच संतुलन स्थापित कर सकते हैं।
भगवती-माइक्रोमैक्स में ले-ऑफ और श्रमिक मुद्दों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन
