“हरियाणा-बिहार के बच्चों की फिर बल्ले-बल्ले… और उत्तराखंड के युवाओं की रोज वही टल्ली-टल्ली!”

उत्तराखंड राजकीय महाविद्यालयों में योग प्रशिक्षकों के 117 अस्थाई पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होना उत्तराखंड के युवाओं के लिए एक सकारात्मक संकेत जरूर है। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन […]

🌿 संपादकीय : हरेला पर्व पर मेट्रोपोलिस का हरियाली संकल्प — पर्यावरण संरक्षण की नई प्रेरणा

रुद्रपुर मेट्रोपोलिस उत्तराखंड की धरती पर हरियाली सिर्फ प्रकृति का श्रृंगार ही नहीं, बल्कि यहां की सांस्कृतिक चेतना का भी जीवंत प्रतीक है। इसी चेतना को साकार करने के लिए […]

भाईचारे और महिला सशक्तिकरण का संगम : किच्छा की एक सकारात्मक पहल

भाईचारा एकता मंच की नगर अध्यक्ष, किच्छा की रेनू रानी द्वारा उपाध्यक्ष, अल्पसंख्यक आयोग दर्जा राज्य मंत्री फरजाना बेगम से की गई भेंट केवल एक औपचारिक मुलाकात भर नहीं थी, […]

पहले युद्धों में, बूढ़े लोग जंग शुरू करते थे। जवान लोग उनमें मर जाते थे। यह इतिहास की एक दुखद सच्चाई रही है। पहले युद्ध में फैसले लेने वाले बूढ़े लोग होते थे, जिन्हें कोई खतरा नहीं होता था।

मरने वाले जवान होते थे, जो सवाल नहीं कर सकते थे। टेनीसन ने कहा था, ‘युवाओं को सवाल करने का हक नहीं है, उन्हें बस आदेश मानना है और मर […]

उत्तराखंड पंचायत चुनाव: सदस्य पदों पर फीका उत्साह, लोकतंत्र की बुनियाद पर सवाल

उत्तराखंड के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए शनिवार को नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो गई। हालांकि आखिरी दिन कुछ हलचल दिखी, लेकिन ग्राम पंचायत सदस्य पदों पर नामांकन की कमी ने […]

संपादकीय हरेला की हरियाली पर नेताओं की सियासी परछाईं

रूद्रपुर के गांधी पार्क और उत्तरायणी पार्क को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सौगात दी है। महापौर विकास शर्मा ने भी इसे अपनी जीत बता दी। स्वागतयोग्य बात है कि […]

ऐतिहासिक नामांकन या ऐतिहासिक भीड़? भारतीय जनता पार्टी समर्थित प्रत्याशी, समाजसेवी जसविंदर सिंह उर्फ बंटी खुराना का नामांकन

जिला पंचायत चुनाव के तहत जिला पंचायत वार्ड-15 (दोपहरिया सीट) से भारतीय जनता पार्टी समर्थित प्रत्याशी, समाजसेवी जसविंदर सिंह उर्फ बंटी खुराना का नामांकन सचमुच ऐतिहासिक कहा जा सकता है। […]

संपादकीय लेख नाम बदलकर दुकानदारी: सामाजिक विश्वास पर आघात और सतर्कता की जरूरत

हरिद्वार में “गुप्ता चाट भंडार” के नाम से दुकान चला रहे गुलफाम की गिरफ्तारी ने एक बार फिर से उस चिंताजनक प्रवृत्ति की ओर देश का ध्यान खींचा है, जिसमें […]

जहां आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के अनुसार प्रसाद के लड्डुओं में प्रयुक्त घी में तीन जानवरों की चर्बी पाई गई। शक पूर्व मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी की सरकार पर है, जिसने देवस्थानम बोर्ड का प्रमुख अपने ईसाई चाचा को नियुक्त किया था। यह घटना न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाती है, बल्कि सनातन पर सुनियोजित प्रहार की बड़ी कड़ी है। इसी बीच कांग्रेस, डीएमके जैसे दलों के नेताओं द्वारा सनातन धर्म को ‘कुष्ठ रोग’, ‘एचआईवी’, ‘मलेरिया’ कहकर अपमानित करना गहरी साजिश को उजागर करता है। उत्तराखंड जैसे देवभूमि प्रदेश के लिए यह चेतावनी है कि सनातन संस्कृति पर ऐसे हमले केवल दक्षिण भारत तक सीमित नहीं। यहां भी मंदिरों, परंपराओं और संस्कृति पर अघोषित हमले होते रहे हैं। उत्तराखंड को अपनी धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए सतर्क रहना होगा, ताकि कोई भी शक्ति आस्था के स्तंभों को डगमगाने का दुस्साहस न कर सके। सनातन केवल मजहब नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है, जिसकी रक्षा हम सबका कर्तव्य है।

उत्तराखंड अपनी धरोहर,तिरुपति मंदिर प्रकरण और सनातन पर साजिशों के निहितार्थ भारत में सनातन संस्कृति केवल एक आस्था नहीं, बल्कि जीवनपद्धति और सभ्यता का वह आधार है, जो इस उपमहाद्वीप […]

कुमाऊँ मंडल की ANM कर्मचारियों की पदोन्नति पर संकट, छह माह से इंतजार में अटकी स्वास्थ्य पर्यवेक्षक की ट्रेनिंग

रुद्रपुर, 4 जुलाई।उत्तराखंड सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग में एएनएम (सहायक नर्स दाई) कर्मियों को स्वास्थ्य पर्यवेक्षक के पद पर पदोन्नति देने की प्रक्रिया में भारी भेदभाव का आरोप लगाते हुए […]