Breaking News

उत्तराखण्ड

View All

देश

View All

विशेष सत्रों की राजनीति और उत्तराखंड के असली मुद्दों से भागती सरकार

उत्तराखंड विधानसभा का मंगलवार को होने वाला विशेष सत्र “नारी शक्ति वंदन” को समर्पित बताया…

28 अप्रैल 2026 मंगलवार का दिन और द्वादशी तिथि का संयोग, ब्रह्मांड में एक बड़ी हलचल लेकर आ रहा है. आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास है क्योंकि सूर्य देव अपनी उच्च राशि (मेष) में गोचर कर रहे हैं, जो साहस और नेतृत्व का प्रतीक है.

वहीं, चंद्रमा का संचार आज कन्या राशि में होने जा रहा है, जिससे ‘बुध-चंद्र’ का…

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस प्रशासन और अनुशासन के बीच एक विचित्र स्थिति उत्पन्न हो गई है. शनिवार की देर रात राजपुर रोड पर स्थित एक नामी बार में समय सीमा समाप्त होने के बावजूद शराब और संगीत का दौर जारी था.

जब पुलिस टीम ने कार्रवाई करने की कोशिश की, तो वहां विभाग के ही एक…

सवाल यह है कि यदि जमीन भी चली जाए और रोजगार भी न मिले, तो उत्तराखंड के हिस्से में आखिर बचा क्या? सरकार को जवाब देना होगा।

संपादकीय: हमारी जमीन, पर हक किसका?गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर कभी भारत…

दुनिया

View All

Express News

View All

पूर्व सैनिकों को नगर निगम की सौगात, सैनिक कल्याण परिसर में बनेगा आधुनिक शौचालय

रुद्रपुर। पूर्व सैनिकों की वर्षों पुरानी मांग आखिरकार पूरी होने जा रही है। नगर निगम रुद्रपुर ने सैनिक कल्याण विभाग…

Read More

हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर हिमालय क्रांति पार्टी ने दी श्रद्धांजलि, 2027 चुनाव को लेकर भरी हुंकार

पौड़ी गढ़वाल, स्वर्गीय Hemvati Nandan Bahuguna की जयंती के अवसर पर हिमालय क्रांति पार्टी (HKP) के जिला कार्यालय पौड़ी में…

Read More

उत्तराखंड के दो खिलाड़ियों का फिग एक्रो जिम्नास्ट वर्ल्ड कप 2026 के लिए चयन

कुमाऊँ की काशी जागेश्वर धाम: जहाँ देवदारों की सांसों में आज भी गूंजता है महादेव का मौन, श्राप से वरदान बनी शिव की दिव्य तपोस्थली

कुमाऊँ की काशी जागेश्वर धाम: देवदारों की सांसों में आज भी गूंजता है महादेव का मौन, श्राप से वरदान बनी शिव की दिव्य तपोस्थली

अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर औचक निरीक्षण सराहनीय, लेकिन रुद्रपुर के 40 वार्डों में खुलेआम बिक रहा ‘मौत का सामान’ — कब जागेगा स्वास्थ्य विभाग?

विशेष सत्रों की राजनीति और उत्तराखंड के असली मुद्दों से भागती सरकार

उत्तराखंड विधानसभा का मंगलवार को होने वाला विशेष सत्र “नारी शक्ति वंदन” को समर्पित बताया जा रहा है, लेकिन बड़ा प्रश्न यह है कि क्या यह वास्तव में महिलाओं के…

Read More

28 अप्रैल 2026 मंगलवार का दिन और द्वादशी तिथि का संयोग, ब्रह्मांड में एक बड़ी हलचल लेकर आ रहा है. आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास है क्योंकि सूर्य देव अपनी उच्च राशि (मेष) में गोचर कर रहे हैं, जो साहस और नेतृत्व का प्रतीक है.

वहीं, चंद्रमा का संचार आज कन्या राशि में होने जा रहा है, जिससे 'बुध-चंद्र' का एक ऐसा मानसिक संतुलन बनेगा जो व्यापारिक निर्णयों के लिए बेहद सटीक साबित होगा. अवतार…

Read More

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस प्रशासन और अनुशासन के बीच एक विचित्र स्थिति उत्पन्न हो गई है. शनिवार की देर रात राजपुर रोड पर स्थित एक नामी बार में समय सीमा समाप्त होने के बावजूद शराब और संगीत का दौर जारी था.

जब पुलिस टीम ने कार्रवाई करने की कोशिश की, तो वहां विभाग के ही एक बड़े अधिकारी की मौजूदगी ने मामले को पेचीदा बना दिया. 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत जारी…

Read More

सवाल यह है कि यदि जमीन भी चली जाए और रोजगार भी न मिले, तो उत्तराखंड के हिस्से में आखिर बचा क्या? सरकार को जवाब देना होगा।

संपादकीय: हमारी जमीन, पर हक किसका?गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर कभी भारत की कृषि क्रांति का प्रतीक था। लगभग 16 हजार एकड़ उपजाऊ भूमि पर स्थापित इस…

Read More

उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

Read More

हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

Read More

ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

Read More

कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

Read More

उत्तराखंड में बारिश का कहर: कुमाऊं मंडल में 54 सड़कें बंद, प्रशासन अलर्ट मोड पर

रुद्रपुर/हल्द्वानी। उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के चलते जगह-जगह भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ […]

खटीमा में जिलाधिकारी ने बाढ़ सुरक्षा तैयारियों का लिया जायज़ा, तटबंधों

खटीमा, 30 जून, 2025 () जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने सोमवार को खटीमा क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करते हुए बाढ़ चौकियों, ऐंठा नाला, नगला तराई में निर्माणाधीन […]

साल 2025 में गुरु पूर्णिमा का पर्व 10 जुलाई, दिन गुरुवार को मनाया जाएगा। भारतीय परंपरा में गुरु को भगवान से भी ऊपर का दर्जा दिया गया है।

ये विशेष दिन इसी सम्मान का प्रतीक है। गुरु पूर्णिमा के दिन सभी गुरुओं को नमन किया जाता है। गुरु पूर्णिमा के अगले दिन से सावन मास प्रारंभ हो जाता […]

कनाडा G-7 में भाग लेने गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद लगता है कनाडा की आंखें खुल गई हैं। कनाडा की प्रमुख सुरक्षा एजेंसी Canadian Security Intelligence Service (CSIS ) ने आधिकारिक रूप से चरमपंथी खालिस्तानी कार्यकर्ताओं को कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा करार दिया है।

हालाँकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि शांतिपूर्ण और गैर-हिंसक तरीकों से खालिस्तान की मांग करना चरमपंथ नहीं माना जाता । लेकिन एक छोटा-सा समूह कनाडा में रहकर […]

राज्य सरकार के लगातार प्रयास के बाद एक बार फिर कुमाऊं मंडल को पांच एक्सप्रेस ट्रेनें मिलने की संभावना है। इसके लिए रेलवे ने प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। प्रस्ताव पर रेलवे बोर्ड अमल करता है तो आने वाले समय में गुजरात के लिए एक और ट्रेन लालकुआं से चल सकती है।

रुद्रपुर रेलवे ने काठगोदाम से सूबेदारगंज (इलाहाबाद) तक साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन के अलावा लालकुआं से कामाख्या तथा साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन लालकुआं से बांद्रा के बीच चलाने की तैयारी की है। […]

भा रतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपनी आंतरिक संगठनात्मक ढांचे को नया रूप देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पार्टी ने पांच प्रमुख राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है, जो केवल राज्य इकाइयों को मजबूत करने का प्रयास नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय नेतृत्व में संभावित बदलाव का भी संकेत देता है।

बीजेपी के संगठनात्मक चुनावों का यह चरण सामान्य प्रक्रिया से अधिक है; यह एक रणनीतिक पुनर्गठन का हिस्सा है। सूत्रों के अनुसार, नई नियुक्तियों के साथ, पार्टी नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष […]

रुद्रपुर : उद्योग नगरी या अपराध नगरी? रुद्रपुर की बदलती सामाजिक संरचना ने अपराध !राजनीतिक संरक्षण – सबसे बड़ा संकट – एक संपादकीय दृष्टिकोण

उत्तराखंड का प्रवेश द्वार कहा जाने वाला रुद्रपुर, आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां उसकी पहचान पर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। कभी कृषि और औद्योगिक संभावनाओं से […]

भा रतीय सेना की ताकत और युद्ध लड़ने की क्षमता पर दो देशों की तरफ से बहुत बड़ा बयान आया है। इन दो देशों ने भारतीय सेना पर बहुत बड़ा खुलासा कर दिया है। एक देश ने तो कहा है कि हमें भारतीय सेना ने सीखना चाहिए कि युद्ध कैसे लड़ा जाता

वहीं दूसरे देश का कहना है कि भारतीय सेना का ऑपरेशन सिंदूर आधुनिक युद्ध का मास्टरक्लास उदाहरण है। ये दोनों बड़े बयान भारत के लिए बहुत बड़े सम्मान और गर्व […]

40 साल की उम्र कम नहीं होती. और, अगर इस उम्र में कोई बल्लेबाज T20 क्रिकेट में छक्कों की बारिश करते हुए शतक लगाता दिखे, तो उसके उस कमाल को बेमिसाल ही कहेंगे. हम बात कर रहे हैं फाफ डु प्लेसी की, जो पिछले 18 साल से क्रिकेट फैंस की उम्मीदों पर खरे उतरते दिख रहे हैं.

और, अब उन्होंने MLC 2025 में मुंबई इंडियंस न्यूयॉर्क के खिलाफ 200 की स्ट्राइक रेट से शतक पूरा किया है. ये मेजर लीग क्रिकेट के मौजूदा सीजन में फाफ डु […]

उत्तराखंड में आसमानी आफत की आहट: मौसम विभाग का अलर्ट और जनता के लिए सावधानी की घंटी

rudrpur,उत्तराखंड, जिसे देवभूमि कहा जाता है, इन दिनों एक बार फिर से प्राकृतिक आपदाओं की आशंका की चपेट में है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी ताजा बुलेटिन ने […]