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पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 मतदान केंद्रों पर 21 मई को फिर से मतदान कराया जाएगा, जिसके नतीजे 24 मई को आएंगे. चुनाव आयोग ने प्रदेश की 144-फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में 29 अप्रैल को बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर वोटिंग के दौरान हुई गंभीर चुनावी गड़बड़ियों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के उल्लंघन के मद्देनजर ये फैसला लिया है.

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होने के बावजूद एक के बाद एक नाटकीय ढंग से बदलाव देखने को मिल रहे है। डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम में री-पोलिंग के बाद अब फाल्टा में भी दोबारा मतदान होने वाले हैं।

संपादकीय: उत्तराखंड की राजनीति में ‘महिला सशक्तिकरण’ या ‘व्यक्तिगत समीकरण’? मिशन 2027 की आहट में दल-बदल का खेल

“मित्र पुलिस” या मानसिक उत्पीड़न? सतपुली कांड ने खोली व्यवस्था की सच्चाई

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विजडम पब्लिक स्कूल का परचम: उत्कृष्ट परिणामों ने रचा सफलता का नया इतिहास”

रुद्रपुर के गंगापुर रोड स्थित Wisdom Public School Rudrapur ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक…

“2017 की 68,754 से 2022 के 26,988 तक: अब कांग्रेस के 40 हजार जुड़ते ही 2027 में ठुकराल का जीत समीकरण तैयार?”रुद्रपुर में बदला सियासी समीकरण: ठुकराल की कांग्रेस में एंट्री से 2027 की जंग हुई दिलचस्प, भाजपा के लिए बढ़ी चुनौती

रुद्रपुर। आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर रुद्रपुर की राजनीति में हलचल तेज हो गई…

“पैसा बोलता है, राजनीति डोलता है: 90 के दशक की सोच में अटका विपक्ष और आधुनिक भारत की बदलती तस्वीर“सिलेंडर की राजनीति बनाम समृद्धि का सच: बदलता उत्तराखंड, बदलती सोच

“सिलेंडर की राजनीति बनाम समृद्धि का सच: बदलता उत्तराखंड, बदलती सोच”उत्तराखंड और देश की अर्थव्यवस्था…

सरकार ने शुक्रवार को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 933 रुपये की भारी बढ़ोतरी की घोषणा की। इससे छोटे व्यवसायों के उस ‘अदृश्य’ नेटवर्क में चिंता की लहर दौड़ गई है, जो हर दिन भारतीयों को खाना खिलाता है।

इनमें रेस्टोरेंट, सड़क किनारे के ढाबे, कैटरर्स, बेकरी और क्लाउड किचन शामिल हैं। इनमें से…

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Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होने के बावजूद एक के बाद एक नाटकीय ढंग से बदलाव देखने को मिल रहे है। डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम में री-पोलिंग के बाद अब फाल्टा में भी दोबारा मतदान होने वाले हैं।

संपादकीय: उत्तराखंड की राजनीति में ‘महिला सशक्तिकरण’ या ‘व्यक्तिगत समीकरण’? मिशन 2027 की आहट में दल-बदल का खेल

“मित्र पुलिस” या मानसिक उत्पीड़न? सतपुली कांड ने खोली व्यवस्था की सच्चाई

देश के बाकी 3 राज्यों और एक केंद्र प्रशासित प्रदेश के साथ पश्चिम बंगाल में असेंबली चुनाव के लिए 4 मई को वोटों की काउंटिंग होनी जा रही है.

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“मित्र पुलिस” या मानसिक उत्पीड़न? सतपुली कांड ने खोली व्यवस्था की सच्चाई

उत्तराखंड की तथाकथित “मित्र पुलिस” का चेहरा एक बार फिर सवालों के कटघरे में है। पौड़ी जनपद के सतपुली में…

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देश के बाकी 3 राज्यों और एक केंद्र प्रशासित प्रदेश के साथ पश्चिम बंगाल में असेंबली चुनाव के लिए 4 मई को वोटों की काउंटिंग होनी जा रही है.

कौन जीतेगा-कौन हारेगा, इसे लेकर सभी प्रत्याशियों के दिलों की धड़कन बढ़ी हुई है. बंगाल में बीजेपी और टीएमसी, अपनी-अपनी…

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बीना शर्मा का पाला बदलना: “नारी सम्मान” या निजी आहत भावनाओं की राजनीति?

शिव अरोड़ा की रणनीति से बदले समीकरण, मीना शर्मा भाजपा में शामिल!राजकुमार ठुकराल के कांग्रेस जाने के बीच भाजपा का पलटवार, मीना शर्मा बनीं गेमचेंजर!रुद्रपुर में सियासी शतरंज तेज, शिव अरोड़ा ने चली बड़ी चाल!मीना शर्मा की एंट्री से भाजपा मजबूत, कांग्रेस को झटका!2027 की तैयारी शुरू, शिव अरोड़ा ने साधा सियासी संतुलन

उत्तराखंड में पत्रकार मान्यता पर सख्ती: LIU जांच शुरू, फर्जी अनपढ़ और अपात्र पत्रकारों पर शिकंजा

पौड़ी में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर उबाल, कमिश्नरी घेराव में गरजे कर्मचारी – 2027 चुनाव में जवाब देने की चेतावनीपौड़ी गढ़वाल से बड़ी खबर:

विजडम पब्लिक स्कूल का परचम: उत्कृष्ट परिणामों ने रचा सफलता का नया इतिहास”

रुद्रपुर के गंगापुर रोड स्थित Wisdom Public School Rudrapur ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता और अनुशासन की मिसाल पेश करते हुए वर्ष 2025-26 के परिणामों में शानदार प्रदर्शन…

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“2017 की 68,754 से 2022 के 26,988 तक: अब कांग्रेस के 40 हजार जुड़ते ही 2027 में ठुकराल का जीत समीकरण तैयार?”रुद्रपुर में बदला सियासी समीकरण: ठुकराल की कांग्रेस में एंट्री से 2027 की जंग हुई दिलचस्प, भाजपा के लिए बढ़ी चुनौती

रुद्रपुर। आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर रुद्रपुर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के कांग्रेस में शामिल होने के बाद यहां का चुनावी…

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“पैसा बोलता है, राजनीति डोलता है: 90 के दशक की सोच में अटका विपक्ष और आधुनिक भारत की बदलती तस्वीर“सिलेंडर की राजनीति बनाम समृद्धि का सच: बदलता उत्तराखंड, बदलती सोच

“सिलेंडर की राजनीति बनाम समृद्धि का सच: बदलता उत्तराखंड, बदलती सोच”उत्तराखंड और देश की अर्थव्यवस्था को लेकर इन दिनों जो बहस चल रही है, उसमें एक बार फिर वही पुराना…

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सरकार ने शुक्रवार को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 933 रुपये की भारी बढ़ोतरी की घोषणा की। इससे छोटे व्यवसायों के उस ‘अदृश्य’ नेटवर्क में चिंता की लहर दौड़ गई है, जो हर दिन भारतीयों को खाना खिलाता है।

इनमें रेस्टोरेंट, सड़क किनारे के ढाबे, कैटरर्स, बेकरी और क्लाउड किचन शामिल हैं। इनमें से कई व्यवसायों के लिए कुकिंग गैस सिर्फ एक और इनपुट लागत नहीं है। यह तो…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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Pew Research Center की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस्लाम धर्म न केवल दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा धर्म बन चुका है, बल्कि यह सबसे तेजी से बढ़ने वाला धार्मिक समुदाय भी बन गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, साल 2010 में मुस्लिम आबादी 170 करोड़ थी, जो 2020 तक बढ़कर 200 करोड़ बढ़ गई। यानी महज 10 वर्षों में 30 करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की […]

राजा रघुवंशी मर्डर केस को लेकर पूरे देश में बवाल मचा हुआ है। मामले में पत्नी सोनम रघुवंशी और प्रेमी राज के गिरफ्तारी के बाद से लगातार खुलासे हो रहे हैं।

पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए तीन सुपारी किलर्स को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के सूत्रों ने खुलासा किया है कि मेघालय के शिलॉन्ग में पहाड़ […]

सूर्यदेव 15 जून दिन रविवार को अपनी चाल बदलने जा रहे हैं. जिससे कुछ राशि वालों को कारोबार और नौकरी में अच्छा फायदा होगा. साथ ही कुछ राशि वालों को कई सावधानियों बरतनी होंगी.

सूर्यदेव वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में गोचर करने जा रहे हैं. जिससे कई लोग मालामाल हो सकते हैं. सूर्यदेव का यह गोचर ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, […]

भीमताल तीन दिन पहले भीमताल झील में मिले महिला के शव की शिनाख्त हो गई है। महिला उत्तरप्रदेश के जालोनी जिला उरई में रहने वाली पुष्पा देवी थी। पति ने हल्द्वानी पहुंचकर उसकी पहचान पत्नी के रूप में की।

पति ने आरोप लगाया है कि पत्नी एक युवक के संग घूमने के लिए भीमताल आ गई थी। जहां युवक ने उसकी हत्या कर शव को झील में फेंक दिया […]

जुलाई 2025 की टैक्स अवधि से जीएसटी नेटवर्क (GSTN) कुछ बड़े बदलाव करने जा रहा है। ये बदलाव कंपनियों के जीएसटी रिटर्न से संबंधित हैं। अगर आप कोई कंपनी चलाते हैं तो आपके लिए जीएसटी रिटर्न की प्रक्रिया में होने वाले इस बदलाव को जानना जरूरी है।

खासकर ऐसे कारोबारियों के लिए जो इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेते हैं या लेना चाहते हैं। तीन साल बाद नहीं कर सकेंगे रिटर्न फाइल संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स […]

पि छले 11 साल में देश ने रक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखा है. भारत की रक्षा नीति अब केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है. यह आत्मनिर्भरता, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा में एक सशक्त कदम बन चुकी है.

भारत का डिफेंस सेक्टर अब आत्मनिर्भरता, इनोवेशन और वैश्विक भरोसे का प्रतीक बन चुका है. इस बदलाव में केंद्र सरकार की रणनीतिक सोच, मजबूत इच्छाशक्ति और दीर्घकालिक दृष्टिकोण ने अहम […]

पि छले साल अक्टूबर में जब हमास ने इजराइल पर बड़ा हमला किया और करीब 1200 यहूदी नागरिकों को मार डाला, तब से इजराइली सेना का जवाब बेहद आक्रामक और विनाशकारी रहा है. अब जबकि यह संघर्ष अपने अंतिम चरण में पहुंचता दिख रहा है, इजराइल के जवाबी हमलों ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है.

गाजा में हो रही तबाही को लेकर अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय युद्ध विराम की दिशा में सक्रिय हो गया है. संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह […]

सी मा विवाद और पाकिस्तान के हिमायती होने के चलते भारत के साथ चीन के संबंध तनावपूर्ण ही बने रहते हैं। हालांकि भारतीय तटरक्षक बलों की सतर्कता और मदद की भावना से चीन भी प्रभावित है। केरल के तट के पास सिंगापुर के एक शिप एमवी वैन हाई 503 में विस्फोट और आग लगने के बाद भारतीय तटरक्षक बलों ने तुरंत अपने शिप का काम पर लगा दिया और आग पर काबू पा लिया गया।

इस शिप के चालक दल में चीन के नागरिक भी शामिल थे। भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भारतीय नौसेना और मुंबई […]

संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आव्रजन नीतियों के विरोध में लॉस एंजिल्स शहर में हो रहे प्रदर्शनों के बीच 700 मरीन (समुद्री सेना) तैनात किए गए हैं।

यह लॉस एंजिल्स में पहले से तैनात नेशनल गार्ड के 2000 सैनिकों के साथ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मोर्चा संभालेंगे। संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह […]

भो ले-भाले निवेशकों के साथ 48000 करोड़ रुपये का धोखा किया गया। दागी संपत्तियों को बेदाग कर अपराध की आय से ऑस्ट्रेलिया सहित कई जगहों पर अचल संपत्तियां में खरीदी गई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), दिल्ली जोनल कार्यालय ने अब मेसर्स पीएसीएल, उनके निदेशकों और अन्य के खिलाफ चल रही जांच के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत 17 मई को विशेष न्यायालय (पीएमएलए), नई दिल्ली के समक्ष आरोपी हरसतिंदर पाल सिंह हेयर और अन्य के खिलाफ पूरक अभियोजन शिकायत (एसपीसी) दायर की है।

उसी का संज्ञान विशेष न्यायालय (पीएमएलए) द्वारा 9 जून को लिया गया है। ईडी ने सीबीआई, बीएसएफसी, नई दिल्ली द्वारा आईपीसी, 1860 की धारा 120-बी और 420 के तहत मेसर्स […]