दिल्ली। संसद के बाहर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के कारण मची अफरा-तफरी के बीच हालात सामान्य बनाने के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने मोर्चा संभाल लिया।

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संसद भवन स्थित अपने कार्यालय से वह स्थिति पर पल-पल की खबर लेते रहे और मंत्रियों के साथ लंबी मंत्रणा करते रहे। वहीं, कर्तव्य भवन स्थित कार्यालय में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने भी दिल्ली पुलिस आयुक्त और खुफिया ब्यूरो के प्रमुख महेश दीक्षित के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की।

अमित शाह की धर्मेंद्र प्रधान के साथ लंबी चर्चा

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड

कॉकरोच जनता पार्टी के निशाने पर आए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान लगभग चार घंटे तक अमित शाह के दफ्तर में बैठे रहे। नीट पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मुख्य मांग के साथ कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया था और सोमवार को संसद तक मार्च करने का आह्वान किया था।

जेपी नड्डा ने CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात की

नीट का संबंध मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन से होने के कारण स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों से मुलाकात की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस तरह से बातचीत का चैनल खोलकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत तक नहीं करने की सरकार की हठधर्मिता के विपक्ष के आरोपों की धार को कुंद किया गया।

युवाओं के विरुद्ध पुलिस को सख्त कार्रवाई से बचने के निर्देश

अमित शाह ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं के विरुद्ध पुलिस को सख्त कार्रवाई से बचने के साथ ही कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने और हालात को बेकाबू होने से भी बचाना भी सुनिश्चित किया। यही कारण है कि संसद के गेट पर पहुंच चुके प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़कर तितर-बितर किया गया, लेकिन अन्य जगहों पर प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई।

ऐसे प्रदर्शनों के बीच अफवाह फैलाकर स्थिति बिगाड़ने की कोशिश करने की आशंका को देखते हुए पूरे इलाके में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया, लेकिन मोबाइल कॉल को चलने दिया गया।

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और खुफिया ब्यूरो के प्रमुख महेश दीक्षित ने दिल्ली पुलिस आयुक्त के साथ खुफिया जानकारी साझा की और उनके अनुरूप आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्दश दिया गया। तीन दिन पहले दिल्ली पुलिस आयुक्त बने अनुराग कुमार खुद खुफिया ब्यूरो के विशेष निदेशक थे और 20 वर्षों से वहां काम कर रहे थे।


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