अब बड़ा सवाल यह उठता है कि जिस जमीन पर अवैध मदरसा और मस्जिद स्थित है वह नजूल भूमि है. आइए जानते हैं क्या है नजूल भूमि। नजूल भूमि क्या […]
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को कांग्रेस की राज्य इकाई के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की और हल्द्वानी हिंसा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से बनभूलपुरा मामले में चर्चा की।
प्रतिनिधिमण्डल में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक प्रीतम सिंह, भुवन कापड़ी, फुरकान अहमद, आदेश चौहान, ममता राकेश एवं सुमित हृदयेश भी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि राज्य […]
उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद द्वारा देवभूमि पलायन एवं बेरोजगारी उन्मूलन समिति।विषय उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद द्वारा उत्तराखंड सरकार का धन्यवाद प्रस्ताव
आज दिनांक 11 फरवरी 2024 को नगर निगम रुद्रपुर उधम सिंह नगर सभागार में उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद के बैनर तले राज्य आंदोलनकारियो का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आहूत किया […]
देहरादून।हल्द्वानी हिंसा मामले की होगी जांचसरकार ने मजिस्ट्रेट जाँच कराने का लिया फैसला “आदेश जारी”
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने दिए जाँच के आदेश”कमिश्नर कुमाऊँ दीपक रावत को। बनाया गया जाँच अधिकारी। 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के दिए गए निर्देश।
हल्द्वानी के बनभूलपुरा में गुरुवार शाम को अतिक्रमण हटाने को लेकर बवाल हो गया। जिसके बाद प्रशासन ने देर शाम उपद्रवियों के पैर में गोली मारने के आदेश जारी किए। इस दौरान छह लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने शहर में कर्फ्यू लगा दिया है।
पैरामिलिट्री फोर्स ने संभाला हल्द्वानी में मोर्चा भड़की हिंसा के बाद पैरामिलिट्री फोर्स ने हल्द्वानी में मोर्चा संभाला लिया है। छह जिलों से भारी फोर्स मंगाई गई है। वहीं पुलिस […]
हल्द्वानी के समस्त प्रकार के विद्यालय कक्षा 1 से 12 तक संचालित ( राज0, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आंगनबाड़ी केंद्र सहित) कल दिनांक 9 फरवरी 2024 को सुरक्षात्मक कारणों से अनिवार्य रूप से बंद रहेंगे ।समस्त प्रकार के विद्यालय उपरोक्त निर्देश का कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित करेंगे। हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र के अंतर्गत मलिक के बगीचे में अवैध मदरसे को ध्वस्त करने को लेकर जमकर बवाल हो गया। अराजक तत्वों ने पथराव के बाद पुलिस की कई गाड़ियों को आग लगा दी और वनभूलपूरा थाने को फूंकने का प्रयास किया गया। इससे पूर्व वहां मौजूद मुस्लिम महिलाओं और युवकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस प्रशासन, नगर निगम की टीम और लोगों पर जमकर भारी पथराव किया। जिसमें कई लोग चोटिल हो गए।
खबर है कि इस दौरान कई प्रशासनिक अधिकारी, पुलिसकर्मी और पत्रकार घायल हुए हैं। अराजक तत्वों की कार्रवाई के खिलाफ पुलिस द्वारा बलपूर्वक कार्यवाही करते हुए आंसू गैस छोड़ी गई। […]
आज दिनांक 6/ 2/ 2024 को खटीमा क्षेत्र के प्रमुख राज्य आंदोलनकारी कैप्टन शेर सिंह दिगारी की अध्यक्षता में क्षेत्र के चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों की एक बैठक उनके आवास में संपन्न हुई । जिसका संचालन प्रदेश महामंत्री भगवान जोशी ने किया । बैठक में धामी सरकार द्वारा प्रदेश में ucc लागू करने के निर्णय का स्वागत किया गया तथा चालू सत्र में 10 प्रतिशत आरक्षण को विशेष सत्र में पास करने के निर्णय का भी स्वागत किया गया ।बैठक में वक्ताओं ने एक स्वर में धामी सरकार के सभी जनहित के फैसलों पर खुशी जाहिर की तथा उन्हें एक एक्शन टेकन मुख्यमंत्री बताया गया। समस्त उपस्थित राज्य आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की कि उनके द्वारा गत दिवस 1 सितंबर खटीमा , 2 सितंबर मसूरी, 2 अक्टूबर मुजफ्फरनगर (रामपुर तिराहे) के शहीद मंचों से आंदोलनकारियों के पक्ष में की गई समान पेंशन की घोषणा तथा वंचितों के चिन्हिकरण की घोषणा को अमल में लाने का आग्रह किया तथा उम्मीद जताई कि भाजपा सरकार उनकी उपरोक्त लंबित मांगों पर लोकसभा चुनाव से पूर्व ही निर्णायक फैसला लेगी।मुख्यमंत्री के ऐतिहासिक निर्णय ucc तथा राज्य आंदोलनकारियों के संदर्भ में लिए जा रहे जनहित के फैसले पर खटीमा गोली कांड के याचिकाकर्ता मोहनचंद, एडवोकेट गोपाल सिंह बिष्ट, प्रकाश तिवारी , सुरेश बिष्ट, भैरव दत्त पांडे , सुरेश चंद्र , आलोक गोयल , सर्वेश पाठक, मनोज ओली , हीरा राजपूत , प्रकाश चंद्र, उमेद सिंह, बहादुर रावत, विशन नाथ सहित अनेक लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए निर्णय का तहे दिल से स्वागत किया है ।
आज दिनांक 6/ 2/ 2024 को खटीमा क्षेत्र के प्रमुख राज्य आंदोलनकारी कैप्टन शेर सिंह दिगारी की अध्यक्षता में क्षेत्र के चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों की एक बैठक उनके आवास में […]
ज्ञानवापी के बाद बागपत में हिंदुओं की बड़ी जीत; मिला महाभारत कालीन लाक्षागृह, 53 साल बाद आया फैसलाउत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी स्थित व्यास जी तहखाना के बाद अब बागपत के एक केस में हिंदू पक्ष को बड़ी जीत मिली है। मामला करीब 53 साल पुराना बताया जा रहा है, जिसमें बागपत की अदालत ने आज फैसला सुनाया है।
बागपत के लाक्षागृह का मुद्दा पहली सिविल डिविजन कोर्ट में चल रहा था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और दस्तावेजों को देखने के बाद अपना फैसला दिया है। कोर्ट […]


