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सड़क तो चौड़ी हो गई, लेकिन रुद्रपुर की छांव कौन लौटाएगा?झाड़ी वाले बाबा मंदिर परिसर का सदियों पुराना पीपल कट गया, साथ में रुद्रपुर की स्मृतियों का एक जीवंत अध्याय भी समाप्त हो गयाअवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर

त्तराखंड से राज्यसभा के लिए बीजेपी ने दिनेश आर्य को उम्मीदवार बनाकर एक बार फिर चौंकाया है. संगठन में लंबे समय से सक्रिय आर्य का नाम उन बड़े चेहरों में नहीं था, जिनकी टिकट को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही थी.

विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड कांग्रेस में खींचतान!हरीश रावत की जनसंवाद यात्रा पर हाईकमान की आपत्ति, चमोली में NSUI के 5 पदाधिकारी निष्कासित

उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विजय रथ को रोकने के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच ‘इंडिया’ गठबंधन के तहत चुनावी तालमेल की कवायद तेज हो गई है।

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जसपुर से हल्द्वानी तक हरदा का कारवां: ‘उठो दगड़ियो, मुछाल जलाओ’ के संदेश के साथ कांग्रेस की सियासी जमीन पर लौटने की दस्तकजसपुर से हल्द्वानी तक हरदा का कारवां: ‘उठो दगड़ियो, मुछाल जलाओ’ के संदेश के साथ कांग्रेस की सियासी जमीन पर लौटने की दस्तक

रुद्रपुर/हल्द्वानी। उत्तराखंड की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का “धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा” अभियान…

SIR के बाद रुद्रपुर बनी उत्तराखंड की सर्वाधिक मतदाताओं वाली विधानसभा: शिव अरोराविधायक ने निर्वाचन आयोग, BLO, BLA और भाजपा कार्यकर्ताओं का जताया आभार; कांग्रेस पर साधा निशाना

रुद्रपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र उत्तराखंड की सर्वाधिक मतदाताओं वाली…

किच्छा-सिरौली कलां निकाय चुनाव: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक, मतगणना और परिणाम घोषित करने के निर्देश

रुद्रपुर। किच्छा और सिरौली कलां नगर निकाय चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को…

टिकट की राजनीति में योग्यता पीछे, जातीय समीकरण आगे?दिनेश आर्य का राज्यसभा जाना एक चेहरे की जीत, मगर उन दावेदारों के लिए बड़ा सवाल, जिन्हें बार-बार इंतजार मिला

उत्तराखंड/भाजपा ने उत्तराखंड से राज्यसभा सीट के लिए दिनेश आर्य को उम्मीदवार बनाकर एक बार…

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विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड कांग्रेस में खींचतान!हरीश रावत की जनसंवाद यात्रा पर हाईकमान की आपत्ति, चमोली में NSUI के 5 पदाधिकारी निष्कासित

हरीश रावत एक तरफ, पूरी कांग्रेस दूसरी तरफ—2027 से पहले किसे डर लग रहा है?संपादकीय | अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर

उत्तराखंड में चुनावी हलचल तेज: हरीश रावत की यात्रा पर कांग्रेस का ब्रेक, धामी की पसंद से दिनेश आर्य राज्यसभा में, बनबसा कैबिनेट के 24 फैसलों से मिशन-2027 का संदेश

सीमांत से सुगंधित खेती तक—उत्तराखंड में एक दिन में विकास, संस्कृति और कैबिनेट के बड़े फैसलों का संदेशबनबसा में पहली बार धामी कैबिनेट, 24 प्रस्तावों पर मुहर; बनबसा-टनकपुर के लिए चार घोषणाएं, खटीमा में आदि रंगोत्सव का भव्य आगाज और काशीपुर में एरोमा पार्क का निरीक्षण

Express News

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उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों से एक दिल दहला देने वाला मामला सामवे आा है, जहां अवैध संबंधों के रास्ते का कांटा बने एक पति को उसकी ही पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर मौत के घाट उतार दिया.

मूल रूप से बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले 38 वर्षीय मदन मुखिया दून घाटी में मजदूरी करके अपना…

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त्तराखंड से राज्यसभा के लिए बीजेपी ने दिनेश आर्य को उम्मीदवार बनाकर एक बार फिर चौंकाया है. संगठन में लंबे समय से सक्रिय आर्य का नाम उन बड़े चेहरों में नहीं था, जिनकी टिकट को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही थी.

ऐसे में सवाल है कि आखिर बीजेपी ने दिनेश आर्य पर ही दांव क्यों लगाया और क्या इसके पीछे 2027…

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विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड कांग्रेस में खींचतान!हरीश रावत की जनसंवाद यात्रा पर हाईकमान की आपत्ति, चमोली में NSUI के 5 पदाधिकारी निष्कासित

हरीश रावत एक तरफ, पूरी कांग्रेस दूसरी तरफ—2027 से पहले किसे डर लग रहा है?संपादकीय | अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर

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जसपुर से हल्द्वानी तक हरदा का कारवां: ‘उठो दगड़ियो, मुछाल जलाओ’ के संदेश के साथ कांग्रेस की सियासी जमीन पर लौटने की दस्तकजसपुर से हल्द्वानी तक हरदा का कारवां: ‘उठो दगड़ियो, मुछाल जलाओ’ के संदेश के साथ कांग्रेस की सियासी जमीन पर लौटने की दस्तक

रुद्रपुर/हल्द्वानी। उत्तराखंड की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का “धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा” अभियान अब महज एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं रह गया है। जसपुर से शुरू होकर काशीपुर, रामनगर,…

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SIR के बाद रुद्रपुर बनी उत्तराखंड की सर्वाधिक मतदाताओं वाली विधानसभा: शिव अरोराविधायक ने निर्वाचन आयोग, BLO, BLA और भाजपा कार्यकर्ताओं का जताया आभार; कांग्रेस पर साधा निशाना

रुद्रपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र उत्तराखंड की सर्वाधिक मतदाताओं वाली विधानसभा बनकर सामने आया है। अंतिम मतदाता सूची के आंकड़ों के आधार पर अवतार सिंह…

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किच्छा-सिरौली कलां निकाय चुनाव: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक, मतगणना और परिणाम घोषित करने के निर्देश

रुद्रपुर। किच्छा और सिरौली कलां नगर निकाय चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के 30 सितंबर 2026 के…

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टिकट की राजनीति में योग्यता पीछे, जातीय समीकरण आगे?दिनेश आर्य का राज्यसभा जाना एक चेहरे की जीत, मगर उन दावेदारों के लिए बड़ा सवाल, जिन्हें बार-बार इंतजार मिला

उत्तराखंड/भाजपा ने उत्तराखंड से राज्यसभा सीट के लिए दिनेश आर्य को उम्मीदवार बनाकर एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में सबको चौंका दिया है। प्रदेश संगठन की ओर से जिन नामों…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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नाम-कंचन नाथ। उम्र-17 साल। कर्म-मानव कल्याण के लिए तप। संपत्ति-करोड़ों की मालकिन और स्थान ढाकल गांव, हरियाणा। यह परिचय उस किशोरी का है, जिसने सांसारिक मोह-माया त्यागकर साध्वी का जीवन अपना लिया।

कंचन नाथ इन दिनों चिलचिलाती धूप में ‘अग्नि तप’ कर रही हैं, और उनके तप की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/…

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जमीन की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी के एक मामले में दो अभियुक्तों के नाम हटाने के लिए 50 हजार रिश्वत लेते प्रेमनगर थाने के दरोगा रामौतार को गिरफ्तार कर लिया गया। विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक रामौतार ने कुल पांच लाख रुपये मांगे थे।

इसी रकम की पहली किस्त लेते समय उसे रंगेहाथ पकड़ा गया। किला थाने की मिर्धान गली निवासी हरीश अग्रवाल की तरफ से फर्जी कागजों के जरिये जमीन का इकरारनामा करने […]

कैंची धाम मंदिर के स्थापना के पीछे रोचक कथाशिप्रा नदी पर स्थित मंदिर के स्थापना के पीछे रोचक कथा है। महाराज के मन में उठी मौज ही उनका संकल्प बन जाती थी। ऐसी ही मौज में बाबा ने कैंची धाम की स्थापना की थी। बुजुर्ग बताते हैं कि वर्ष 1942 में कैची निवासी पूर्णानंद तिवारी सवारी के अभाव में नैनीताल से गेठिया होते हुए पैदल ही कैंची की ओर लौट रहे थे। तभी एक स्थूलकाय व्यक्ति कंबल लपेटे हुए नजर आया तो तिवारी जी डर एक्स गए। उस व्यक्ति ने तिवारी जी को उनका नाम लेकर पुकारा और इस समय उनके वहां पहुंचने का कारण भी बता दिया। यह कोई और नहीं बल्कि स्वयं बाबा नीब करौरी महाराज थे। बाबा ने तिवारी से निडर होकर आगे जाने को कहा। तब तिवारी ने बाबा से पूछा कि अब कब उनके दर्शन होंगे तब बाबा ने कहा था 20 साल बाद। यह कहकर बाबा ओझल हो गए।बाबा नीब करौरी का कैंची धाम भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है। 15 जून को कैंची धाम का 60वां प्रतिष्ठा दिवस मनाया जाएगा।15 जून को नैनीताल के पास विश्व प्रसिद्ध नीम करोली महाराज के कैंची धाम में प्रसिद्ध भोज का आयोजन किया जाएगा. इस दिन दो लाख से ज्यादा लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं. इस दिन भक्तों और आने वाले वाहनों की संख्या इतनी ज्यादा होती है कि जिला प्रशासन को इसके लिए खास इंतजाम करने पड़ते हैं. मान्यता है कि भोजन करने वालों की संख्या ज्यादा होने पर भी कभी भोजन की कमी नहीं होती, क्योंकि इस दिन नीम करोली बाबा खुद इस भोज का ध्यान रखते हैं और किसी चीज की कमी नहीं होने देते.कैंची में बाबा नीब करौरी आश्रम की स्थापना के बाद से ही वहां हर साल 15 जून को स्थापना दिवस कार्यक्रम होता है। समय बीतने के साथ साथ स्थापना दिवस के इस कार्यक्रम ने कैंची मेले का रूप ले लिया और साल दर साल यह भव्य होता गया। मान्यता है कि बाबा नीब करौरी को हनुमान की उपासना से अनेक चामत्कारिक सिद्धियां प्राप्त थीं। लोग उन्हें हनुमान का अवतार भी मानते हैं। एक आम आदमी की तरह जीवन जीने वाले बाबा अपने पैर किसी को नहीं छूने देते थे। यदि कोई छूने की कोशिश करता तो वह उसे हनुमान जी के पैर छूने को कहते थे। इन दिनों हर रोज दस से पंद्रह हजार श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इस साल मंदिर ट्रस्ट ने दो लाख से अधिक लोगों को मालपुआ उपलब्ध कराने के लिए 42 क्विंटल कागज की थैली दिल्ली से मंगाई है। प्रसाद के साथ मिलने वाली सब्जी कागज से बनाए गए गिलास में उपलब्ध कराई जाएगी। विशेष रूप से बनाए गए चार लाख गिलास मंदिर में पहुंच गए है। पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कागज से निर्मित सामग्री उपयोग में लाई जाएगी। प्रसाद यानी मालपुआ बनाने का काम 12 जून से पूजा पाठ के साथ शुरू हो गया है, जो मेला समाप्त होने तक चलेगा। कैंची के ग्राम प्रधान और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पंकज निगल्टिया ने बताया कि इस बार दो लाख से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है।देश और दुनिया के लिए बाबा नीब करौरी का कैंची धाम भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है। देशभर में बनाए गए अपने 11 धामों में कैंची को बाबा ने अपने विशेष लगाव के चलते मनसा सिद्धि यानी जो मांगा वो मिला का दर्जा दिया था। कैंची के अलावा नैनीताल जिले में भूमियाधार, काकड़ीघाट, हनुमानगढ़ और देश में वृंदावन, ऋषिकेश, लखनऊ, शिमला, फर्रुखाबाद में खिमासेपुर, दिल्ली समेत अन्य स्थानों में धाम हैं। कैंची धाम से बाबा का विशेष लगाव रहा।बाबा को बहुत प्रिय था कैंची धामबाबा नीब करौरी को कैंची धाम बहुत प्रिय था। अक्सर गर्मियों में वे यहीं आकर रहते थे। बाबा के भक्तों ने इस स्थान पर हनुमान का भव्य मंदिर बनवाया। उस मंदिर में हनुमान की मूर्ति के साथ-साथ अन्य देवताओं की मूर्तियाँ भी हैं। यहां बाबा नीब करौरी की भी एक भव्य मूर्ति स्थापित की गयी है। बाबा नीब करौरी महाराज के देश-दुनिया में 108 आश्रम हैं। इन आश्रमों में सबसे बड़ा कैंची धाम तथा अमेरिका के न्यू मैक्सिको सिटी स्थित टाउस आश्रम है। हनुमान चालीसा पाठ करते हुए बनने शुरू हुए मालपुए का प्रसादजितना महत्व हर वर्ष 15 जून को कैंची धाम स्थापना दिवस का है, उतना ही महत्व यहां मिलने वाला मालपुए के प्रसाद का भी है। मालपुआ का प्रसाद बनाने के कड़े नियम हैं। मालपुएं बनाने का काम आज (12 जून) से बनने शुरू हुए। शुद्ध देशी घी से बने मालपुए बनाने में वही श्रद्धालु भाग ले सकता है जो व्रत पर हो और धोती, कुर्ता धारण कर उस अवधि में लगातार हनुमान चालीसा का  पाठ कर रहा हो।

बाबा नीब करौरी का कैंची धाम भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है। 15 जून को कैंची धाम का 60वां प्रतिष्ठा दिवस मनाया जाएगा। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /प्रिंटिंग मीडिया शैल […]

दिल्ली: 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं, लेकिन चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद अभी भी जारी है.2019 के लोकसभा चुनाव में मैंने सबसे पहले क्विंट के लिए अपनी रिपोर्ट में ईवीएम में डाले गए वोटों और ईवीएम में गिने गए वोटों के डेटा में पाई गई विसंगतियों के बारे में बताया था.पांच साल बाद एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स द्वारा 2019 में दायर याचिका के आधार पर इस मामले की सुनवाई 2024 में सुप्रीम कोर्ट में भी हुई.सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग (ईसी) ने 2019 के चुनावों के दौरान कई संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में पाई गई विसंगतियों के सभी दावों को खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं और मीडिया ने चुनाव आयोग के ऐप पर प्रकाशित मतदान की अनुमानित संख्या के आंकड़ों पर विचार किया था, और यही कारण है कि उनका डेटा गिने गए वोटों की वास्तविक संख्या से मेल नहीं खाता था.2024 के लोकसभा चुनाव के आंकड़ों में लगभग सभी संसदीय क्षेत्रों में विसंगतियां देखने को मिलती हैं. 543 संसदीय क्षेत्रों से प्राप्त चुनाव आयोग के डेटा पर बारीकी से नज़र डालने पर पता चलता है कि दमन और दीव, लक्षद्वीप और केरल के अतिंगल जैसे कुछ संसदीय क्षेत्रों को छोड़ दें तो गिने गए ईवीएम वोटों की संख्या ईवीएम में डाले गए वोटों की संख्या से अलग है.140 से ज़्यादा लोकसभा क्षेत्रों में ईवीएम में गिने गए मतों की संख्या ईवीएम में डाले गए मतों की संख्या से अधिक थी. अंतर 2 वोट से लेकर 3,811 वोट के बीच था.

ऐसे भी मामले हैं जहां मतदान किए गए मतों की तुलना में कम मतों की गिनती की गई. उन लोकसभा क्षेत्रों में जहां गिने गए ईवीएम मतों की संख्या डाले […]

जैसे-जैसे पुलिस साइबर ठगों के मंसूबों पर पानी फेरती है, वेसे-वैसे साइबर फ्रॉड ठगी के नए-नए तरीका भी इजात करते हैं…. ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है केदारनाथ धाम में चल रही हेली सेवाओं में.

हालात ये तो गए हैं कि राज्‍य की एसटीएफ के पास कई थानों से अलग अलग कंप्‍लेंट पहुंच रही हैं. आखिर क्या है मामला जानते हैं. देखिये ये स्पेशल रिपोर्ट […]

ऊत्तरकाशी, 12 जून (भाषा) उत्तराखंड में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंगनानी के समीप एक बस के अनियंत्रित होकर खाई में गिरने से तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गयी और 26 अन्य घायल हो गए।पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि तीनों मृतक महिलाएं हैं ।

पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि तीनों मृतक महिलाएं हैं । हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /प्रिंटिंग मीडिया शैल ग्लोबल टाइम्स /संपादक अवतार सिंह बिष्ट , रूद्रपुर, उत्तराखंड […]

दिल्ली: 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं, लेकिन चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद अभी भी जारी है.2019 के लोकसभा चुनाव में मैंने सबसे पहले क्विंट के लिए अपनी रिपोर्ट में ईवीएम में डाले गए वोटों और ईवीएम में गिने गए वोटों के डेटा में पाई गई विसंगतियों के बारे में बताया था.

पांच साल बाद एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स द्वारा 2019 में दायर याचिका के आधार पर इस मामले की सुनवाई 2024 में सुप्रीम कोर्ट में भी हुई. सुनवाई के दौरान चुनाव […]

रुद्रपुर:सावधान !! कहीं फर्जीवाड़े का शिकार तो नहीं हो रहे आप,गांव-देहात में आलीशान घर का सपना दिखाकर कहीं लूट न ले बिल्डर आपके खून पसीने की कमाई*तराई में जमीनों के रेट में आए उछाल के बाद इन दोनों बाहरी राज्यों से आए कुछ बिल्डर रुद्रपुर जिला मुख्यालय के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों एकड़ भूमि पर कॉलोनी विकसित कर लोगों को उनके सपनों का आशियाना देने का दंभ भर रहे हैं…खास तौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी हुई दर्जनों एकड़ भूमि पर ऐसे कई हाउसिंग प्रोजेक्ट बाहरी बिल्डरों के द्वारा विकसित किए जा रहे हैं,जिनमें से कुछ प्रोजेक्ट तो आज एक से डेढ़ दशक बाद भी पूरे नहीं हो पाए हैं…बावजूद इसके इन दिनों अब कुछ नए बिल्डर तराई में आकर और पांच सितारा होटल में बैठकर लोगों को गांव-देहात में नोएडा की तर्ज पर आलीशान आवासीय परियोजना कॉलोनी विकसित कर प्रस्तावित कॉलोनी में लोगों को उनके सपनों का घर काफी किफायती दामों पर देने का दावा बड़े-बड़े विज्ञापनों के माध्यम से कर रहे हैं…दरअसल गांव-देहात में सस्ती जमीन लेकर एक सिंडिकेट की तर्ज पर अब बिल्डर नए तरीके से काम कर रहे हैं,जिसके तहत बिल्डरों के द्वारा किए जाने वाले ऐसे काम में जमीन किसी और की पैसा किसी और का और कॉलोनी विकसित करने का काम किसी और का होता है….

इसके अलावा विकसित किए गए प्रोजेक्ट में शेयर के हिसाब से सबकी अपनी-अपनी हिस्सेदारी तय हो जाती है पर जब बात कानूनी दांव-पेंच पर फंस जाती है तो प्रत्येक हिस्सेदारी […]

किच्छा:- नरेंद्र मोदी द्वारा तीसरी बार प्रधानमंत्री की शपथ लेने व सांसद अजय भट्ट के एतिहासिक जीत एवं सांसद अजय टमटा को भारत सरकार में मंत्री बनने की खुशी में वार्ड 6 में भाजपाइयों ने जश्न मनाते हुए मिठाई बांटी। कार्यकर्ताओं ने तीसरी बार पीएम नरेंद्र मोदी व उनकी कैबिनेट की शपथ लेने पर खुशी का इजहार किया।आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि यह जनता के विश्वास की जीत है, आजाद भारत में पहली बार ऐसा हो रहा है कि कोई गैर कांग्रेसी प्रधानमन्त्री तीसरी बाद प्रधानमंत्री पद की शपथ ले रहा है। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि लोकसभा चुनाव में एनडीए की यह ऐतिहासिक विजय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की नीतियों पर जनता जनार्दन के अटल विश्वास की जीत है, विकसित भारत का हमारा ध्येय लगातार तीसरे कार्यकाल में नए आयाम प्राप्त करेगा। सेवा, सुशासन और विकास का संकल्प लेकर अंत्योदय का हमारा प्रण देश के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सशक्त करने के साथ ही उनके आत्मविश्वास को नए पंख देगा। भारत की राजनीति अब नए युग में प्रवेश कर रही है, जहां देश की जनता ने जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टीकरण को नकार कर विकासवाद और राष्ट्रवाद को चुना है। यह विजय भारत के जन-जन की विजय व पुनर्जागरण की विजय है। 1962 के बाद पहली बार कोई सरकार अपने दो कार्यकाल पूरे करने के बाद तीसरी बार वापस आई है,कहा कि चाहे चुनाव की बेला हो, देश का नेतृत्व करने की बात हो और देश की को समस्याओं से निकालने की बात हो- मोदी जी ने हमेशा देश और देश की जनता को आगे बढ़ने का काम किया है।

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /प्रिंटिंग मीडिया शैल ग्लोबल टाइम्स /संपादक अवतार सिंह बिष्ट , रूद्रपुर, उत्तराखंड पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि विपक्ष द्वारा पूरे चुनाव यह भ्रम फैलाया गया […]

आज से 600 वर्ष पूर्व ना तो कोई साल 2024 के बारे में जान सकता था ना ही इस दौर के शासक के बारे में ना ही देश में हो रही गतिविधियों के बारे में जान सकता था. आज भी इस देश में संत ऋषि मुनियों की तपस्या, उनकी योग शक्ति की चर्चाएं होती है.

ऐसे ही आज से 600 वर्ष पूर्व ओडिशा में एक महान संत रहे संत अचत्यानंद दास जी थे. जिनमें भूत, वर्तमान भविष्य देखने की असीम शक्तियां थीं. जिससे उन्होंने भविष्य […]

उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि विधानसभा उपचुनाव में पूरे जिले के बजाए केवल संबंधित विधानसभा में ही चुनाव आचार संहिता लागू हुई है। इससे पहले विधानसभा के पूरे जिले में आचार संहिता लागू होती थी।

चुनाव आयोग ने जनवरी में नियमों में बदलाव किया था, जो अब लागू हो गया है। दरअसल, नए नियमों के तहत अगर किसी जिले में नगर निगम है तो वहां […]