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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। यह नोटिस CEC ज्ञानेश कुमार की अगुवाई वाले चुनाव आयोग के उन फैसलों को चुनौती देने वाली याचिका पर एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगने के लिए जारी किया गया, जो कथित तौर पर दो चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के बिना लिए गए थे।

सड़क तो चौड़ी हो गई, लेकिन रुद्रपुर की छांव कौन लौटाएगा?झाड़ी वाले बाबा मंदिर परिसर का सदियों पुराना पीपल कट गया, साथ में रुद्रपुर की स्मृतियों का एक जीवंत अध्याय भी समाप्त हो गयाअवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर

त्तराखंड से राज्यसभा के लिए बीजेपी ने दिनेश आर्य को उम्मीदवार बनाकर एक बार फिर चौंकाया है. संगठन में लंबे समय से सक्रिय आर्य का नाम उन बड़े चेहरों में नहीं था, जिनकी टिकट को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही थी.

विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड कांग्रेस में खींचतान!हरीश रावत की जनसंवाद यात्रा पर हाईकमान की आपत्ति, चमोली में NSUI के 5 पदाधिकारी निष्कासित

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सत्ता के संरक्षण में कैंची धाम का कारोबार?नदी पर कब्जे से ट्रैफिक व्यवस्था तक—कैंची धाम की भीड़ ने खड़े किए कई गंभीर सवालसंपादकीय | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट

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13.91 लाख के सिक्कों की बरामदगी से उत्तराखंड तक उठे सवाल, क्या हरिद्वार-रुद्रपुर के औद्योगिक इलाकों तक पहुंची थी खेप?

आरा/रुद्रपुर। बिहार के भोजपुर जिले में आरा-सासाराम हाईवे पर एक पिकअप से बरामद 29 बोरे…

पीएम आवास से बदरीनाथ के रिकॉर्ड, भाजपा की नई चुनावी रणनीति और कैंची धाम के जाम तक—उत्तराखंड में ‘डेमोक्रेटिक बदलाव’ की दस्तक, क्या स्थानीय हक और व्यवस्था की परीक्षा भी शुरू

रुद्रपुर। उत्तराखंड इन दिनों एक साथ कई विरोधाभासी तस्वीरें पेश कर रहा है। एक तरफ…

जसपुर से हल्द्वानी तक हरदा का कारवां: ‘उठो दगड़ियो, मुछाल जलाओ’ के संदेश के साथ कांग्रेस की सियासी जमीन पर लौटने की दस्तकजसपुर से हल्द्वानी तक हरदा का कारवां: ‘उठो दगड़ियो, मुछाल जलाओ’ के संदेश के साथ कांग्रेस की सियासी जमीन पर लौटने की दस्तक

रुद्रपुर/हल्द्वानी। उत्तराखंड की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का “धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा” अभियान…

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हरीश रावत एक तरफ, पूरी कांग्रेस दूसरी तरफ—2027 से पहले किसे डर लग रहा है?संपादकीय | अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर

उत्तराखंड में चुनावी हलचल तेज: हरीश रावत की यात्रा पर कांग्रेस का ब्रेक, धामी की पसंद से दिनेश आर्य राज्यसभा में, बनबसा कैबिनेट के 24 फैसलों से मिशन-2027 का संदेश

सीमांत से सुगंधित खेती तक—उत्तराखंड में एक दिन में विकास, संस्कृति और कैबिनेट के बड़े फैसलों का संदेशबनबसा में पहली बार धामी कैबिनेट, 24 प्रस्तावों पर मुहर; बनबसा-टनकपुर के लिए चार घोषणाएं, खटीमा में आदि रंगोत्सव का भव्य आगाज और काशीपुर में एरोमा पार्क का निरीक्षण

Express News

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पितृ पक्ष खत्म होने में अब बस कुछ ही दिन बाकी है. पितृ पक्ष हमारे पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट करने का विशेष अवसर माना जाता है. इस दौरान लोग अपने पितरों को याद करते हैं, उनकी आत्मा की शांति के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म करते हैं और उनसे जाने-अनजाने हुई भूलों के लिए क्षमा मांगते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं.

मान्यता है कि पितृ पक्ष भाद्रपद मास की पूर्णिमा से शुरू होकर अश्विन मास की अमावस्या तक चलता है. इस…

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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। यह नोटिस CEC ज्ञानेश कुमार की अगुवाई वाले चुनाव आयोग के उन फैसलों को चुनौती देने वाली याचिका पर एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगने के लिए जारी किया गया, जो कथित तौर पर दो चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के बिना लिए गए थे।

कोर्ट ने कहा कि इस याचिका का आधार जो न्यूज रिपोर्ट है, आंशिक रूप से सही या गलत हो सकती…

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सड़क तो चौड़ी हो गई, लेकिन रुद्रपुर की छांव कौन लौटाएगा?झाड़ी वाले बाबा मंदिर परिसर का सदियों पुराना पीपल कट गया, साथ में रुद्रपुर की स्मृतियों का एक जीवंत अध्याय भी समाप्त हो गयाअवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर

उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों से एक दिल दहला देने वाला मामला सामवे आा है, जहां अवैध संबंधों के रास्ते का कांटा बने एक पति को उसकी ही पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर मौत के घाट उतार दिया.

त्तराखंड से राज्यसभा के लिए बीजेपी ने दिनेश आर्य को उम्मीदवार बनाकर एक बार फिर चौंकाया है. संगठन में लंबे समय से सक्रिय आर्य का नाम उन बड़े चेहरों में नहीं था, जिनकी टिकट को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही थी.

विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड कांग्रेस में खींचतान!हरीश रावत की जनसंवाद यात्रा पर हाईकमान की आपत्ति, चमोली में NSUI के 5 पदाधिकारी निष्कासित

सत्ता के संरक्षण में कैंची धाम का कारोबार?नदी पर कब्जे से ट्रैफिक व्यवस्था तक—कैंची धाम की भीड़ ने खड़े किए कई गंभीर सवालसंपादकीय | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट

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13.91 लाख के सिक्कों की बरामदगी से उत्तराखंड तक उठे सवाल, क्या हरिद्वार-रुद्रपुर के औद्योगिक इलाकों तक पहुंची थी खेप?

आरा/रुद्रपुर। बिहार के भोजपुर जिले में आरा-सासाराम हाईवे पर एक पिकअप से बरामद 29 बोरे सिक्कों ने पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया है। हसन बाजार थाना क्षेत्र के सहेजनी…

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पीएम आवास से बदरीनाथ के रिकॉर्ड, भाजपा की नई चुनावी रणनीति और कैंची धाम के जाम तक—उत्तराखंड में ‘डेमोक्रेटिक बदलाव’ की दस्तक, क्या स्थानीय हक और व्यवस्था की परीक्षा भी शुरू

रुद्रपुर। उत्तराखंड इन दिनों एक साथ कई विरोधाभासी तस्वीरें पेश कर रहा है। एक तरफ प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के क्रियान्वयन में राष्ट्रीय स्तर पर राज्य को सम्मान मिल…

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जसपुर से हल्द्वानी तक हरदा का कारवां: ‘उठो दगड़ियो, मुछाल जलाओ’ के संदेश के साथ कांग्रेस की सियासी जमीन पर लौटने की दस्तकजसपुर से हल्द्वानी तक हरदा का कारवां: ‘उठो दगड़ियो, मुछाल जलाओ’ के संदेश के साथ कांग्रेस की सियासी जमीन पर लौटने की दस्तक

रुद्रपुर/हल्द्वानी। उत्तराखंड की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का “धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा” अभियान अब महज एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं रह गया है। जसपुर से शुरू होकर काशीपुर, रामनगर,…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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नाम-कंचन नाथ। उम्र-17 साल। कर्म-मानव कल्याण के लिए तप। संपत्ति-करोड़ों की मालकिन और स्थान ढाकल गांव, हरियाणा। यह परिचय उस किशोरी का है, जिसने सांसारिक मोह-माया त्यागकर साध्वी का जीवन अपना लिया।

कंचन नाथ इन दिनों चिलचिलाती धूप में ‘अग्नि तप’ कर रही हैं, और उनके तप की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/…

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) संसदीय दल की बैठक में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने भारत के संविधान को अपने माथे से लगाया।

इसके बाद उन्हें सर्वसम्मति से राजग संसदीय दल का नेता चुन लिया गया। इसके बाद राजग के नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। इसके […]

मेरा पति समलैंगिक है। वह रात में आईने के सामने खड़े होकर शृंगार करता है। लिपस्टिक और नेल पॉलिश लगाता है। एक दिन रात को नींद खुली तो उसे शृंगार करता देख हतप्रभ रह गई। ससुराल वालों ने शादी से पहले उसके समलैंगिक होने की बात छिपाई थी।

ये कहना है शादी में धोखा खाई हरिद्वार निवासी युवती का। युवती ने महिला आयोग में शिकायत की है। हरिद्वार निवासी युवती का कहना है कि उसकी शादी फरवरी में […]

उत्तराखंड में 10 मई से शुरु हुई चारधाम यात्रा में स्वास्थ्य कारणों से अब तक 86 लोगों की मौत हो चुकी है।राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, अब तक हुई 86 मौतों में से बद्रीनाथ धाम में 18, केदारनाथ धाम में 42, गंगोत्री धाम में 7 और यमुनोत्री धाम में 19 मौतें हुईं।

2023 में चारधाम यात्रा के दौरान कुल मिलाकर 245 तीर्थयात्रियों की मौत हुई थी। स्वास्थ्य विभाग के सचिव आर राजेश कुमार ने बताया कि 2023 की चार धाम यात्रा के […]

किच्छा:- भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने क्षेत्रीय विधायक तिलक राज बेहड़ के मलसा बूथ पर हुई हार की नैतिक जिम्मेदारी लेने वाले बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि नैतिक जिम्मेदारी लेना तब माना जाता है जब वह व्यक्ति अपने पद से इस्तीफा दे, वरना नैतिक जिम्मेदारी का क्या मतलब है?शुक्ला ने कहा कि किसी ने बेहड़ से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग या आरोप नहीं लगाया उन्होंने खुद यह बयान दिया कि मैं अपने गांव मलसा में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेता हूं, जबकि उन्होंने किच्छा विधानसभा के बूथ नंबर 80 की हार की जिम्मेदारी नहीं ली जहां उनका कैंप कार्यालय एवं परिवार सहित वोट है, यहां उन्हें 101 मत मिले और बीजेपी को 431 मत मिले, इसी प्रकार रुद्रपुर के आवास विकास स्थित बूथ नंबर 48 जहां वह वर्षों से रह रहे हैं वहां भी कांग्रेस की बड़ी हार हुई है वहां कांग्रेस को 81 तथा भाजपा को 312 को मत मिले, किच्छा विधानसभा में मात्र ढाई वर्षो में ही कांग्रेस व बेहड़ से जनता का मोह भंग हो गया है तथा 160 बूथों में से 98 बूथों पर कांग्रेस की हार हुई है जिन 62 बूथों पर कांग्रेस भाजपा से आगे रही उनमें अधिकांश मुस्लिम आबादी के बूथ हैं, पर मुस्लिम बूथों पर भी 7 से 15% तक वोट भाजपा को पड़े हैं, यह साबित करता है कि किच्छा विधानसभा क्षेत्र की जनता तिलक राज बेहड़ के प्रदर्शन से निराशा है व उसका मोह भंग हो गया है।शुक्ला ने कहा कि जनता स्पष्ट कह रही है कि किच्छा में डिग्री कॉलेज, एम्स, हाईटेक बस अड्डा सहित तमाम जो विकास के कार्य भाजपा के विधायक रहते हो रहे थे नए कांग्रेस विधायक बेहड़ उसमें कोई नई चीज नहीं जोड़ पाए। लोग कह रहे हैं कि विधानसभा में किच्छा के विकास पुरुष राजेश शुक्ला को हराकर भारी गलती हुई है हमने गलती से व भ्रम में आकर विवाद पुरुष को चुन लिया जो रोज अपने बयानों से विवाद खड़ा करते हैं।शुक्ला ने कहा कि 2022 में लगभग 10 हजार वोटो से पिछड़े भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं के दम पर तथा नरेंद्र मोदी जी व पुष्कर सिंह धामी जी के कुशल विजन व गुड गवर्नेंस के दम पर जबरदस्त वापसी की है तथा लगभग 20 हजार वोट मात्र ढाई वर्षो में बढ़े हैं, 10 हजार जो रुख हुए थे वे और 10 हजार जो आगे निकले हैं वो। शुक्ला ने कहा कि इसे 8500 की जीत न माना जाए क्योंकि पंतनगर विश्वविद्यालय व टीडीसी के लगभग 2000 कर्मचारी लोकसभा के चुनाव में जहां भी इलेक्शन ड्यूटी में थे उन्होंने वहीं EVM में अपना वोट कर दिया।शुक्ला ने कहा कि उत्तराखंड की पांचो सीटें भारी अंतर से जीताकर जनता ने धामी जी की सरकार के ढाई वर्षो के कार्यकाल को 100% नंबर दिए तथा लगातार तीसरी बार (हैट्रिक) पांच सांसद देकर मोदी जी के विजन पर पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में भारतीय लोकतंत्र एवं चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता की सराहना होती है परंतु लगातार हार रहे विपक्ष ने लोकतंत्र को कलंकित करते हुए गिनती से पूर्व EVM में ही भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और इस बार भी चुनाव परिणाम में जब उनकी सीट कुछ प्रांतों में अधिक आई तो निर्लज्जता से जश्न मना रहे हैं उनसे पूछना है कि उनकी जो सीटें आई हैं वह EVM ने दी है या जनता ने?पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि किच्छा की जनता ने लोकसभा चुनाव में अजय भट्ट जी को जीतकर मेरा भी मान बढ़ाया है मैं इस विधानसभा का संयोजक था तथा जिस तरह 160 में से लगभग 100 बूथों पर भाजपा की जीत हुई है उसमें मेरा किच्छा का आवास विकास का बूथ नंबर 84 भी है जहां हमने कांग्रेस को 409 मतों से हराया उन्हें 126 तथा भाजपा को 535 मत मिले तथा रुद्रपुर के औद्योगिक क्षेत्र शुक्ला फॉर्म के बूथ नंबर 78 पर जहां हमारा परिवार रहता है वहां भी 471 भाजपा को व 161 कांग्रेस को मत मिले तथा मेरा रामनगर गांव जहां के हम मूल निवासी हैं उस बूथ नंबर तीन पर भी भाजपा की जीत हुई है जहां भाजपा 299 तथा कांग्रेस को 189 मत मिले हैं।शुक्ला ने कहा कि बेहड़ के मुंह से नैतिकता की बात अच्छी नहीं लगती और न ही उन्हें नैतिक जिम्मेदारी का पता है यदि वास्तव में वे नैतिक जिम्मेदारी ले रहे हैं तो उन्हें इस्तीफा देकर पुनः जनादेश लेना चाहिए। जब प्रदेश की पांचो सीटों पर कांग्रेस की हार पर वे अपने प्रदेश नेतृत्व को बदलने की मांग अखबार में सार्वजनिक रूप से स्वयं कर रहे हैं तो किच्छा विधानसभा में हुई हार पर अपने पद से इस्तीफा देकर इसकी शुरुआत करनी चाहिए ताकि जनता को लगे कि वास्तव में वे नैतिक जिम्मेदारी ले रहे हैं और प्रदेश में अपनी पार्टी के प्रदर्शन पर नेतृत्व की बदलाव संजीदगी से कर रहे हैं।शुक्ला ने कहा कि अपने पुत्र को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर विधायक प्रतिनिधि बनाने से कांग्रेस के कार्यकर्ता भी निराश हैं तथा इसी कारण उनके बेहद करीबी कांग्रेसी भी मोह भंग होने से भाजपा में लगातार ज्वाइन कर रहे हैं तथा कांग्रेस में अपना भविष्य टटोलने गए गत् चुनाव में भाजपा कार्यकर्ता भी अपनी पार्टी में वापसी कर रहे हैं।श्री शुक्ला ने कहा कि आने वाले नगर निकाय, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तथा सहकारिता के चुनाव के लिए कार्यकर्ता इस जीत से उत्साहित होकर और अधिक ऊर्जा से भाजपा का परचम लहराएंगे तथा एकजुट होकर सभी चुनाव जीतेंगे।

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /प्रिंटिंग मीडिया शैल ग्लोबल टाइम्स /संपादक अवतार सिंह बिष्ट , रूद्रपुर, उत्तराखंड

लोकसभा चुनाव खत्म होते ही उत्तराखंड वासियों को बिजली ने महंगाई को एक और झटका लगा है। ऊर्जा निगम ने जून महीने के लिए फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट की दरों का ऐलान कर दिया है।

जून महीने के लिए बिजली दरों में 12 पैसे से लेकर 45 पैसे प्रति यूनिट तक का इजाफा किया गया है। ऊर्जा निगम की ओर से उपभोक्ताओं को लगातार 11 […]

राज्य के कुशल खिलाडिय़ों को सरकारी सेवाओं में चार प्रतिशत आरक्षण मिलने का रास्ता साफ हो गया है। राजभवन से मंजूरी मिलने के बाद अब इसका शासनादेश जारी हो गया है।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया है। साथ ही उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर उत्तराखंड लोक सेवा (कुशल खिलाडिय़ों के लिए […]

मंडी सांसद कंगना रनौत को एयरपोर्ट पर थप्पड़ मारने वाली सीआईएसएफ आरोपी महिला जवान इस वजह से एक्ट्रेस से थी नाराज, देखिए Videoकुलविंदर को नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया है। घटना के तुरंत बाद उन्हें हिरासत ले लिया गया था। उनसे पूछताछ की जा रही है।

मंडी सांसद कंगना रनौत आज चंडीगढ़ से दिल्ली के लिए विस्तारा एयरलाइंस से जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंची वहां एक सीआईएसएफ महिला जवान ने कंगना रनौत को थप्पड़ जड़ दिया, […]

गोल्फ टूर्नामेंट की पहचान उत्तराखंड में ही नहीं अपितु पूरे विश्व में होनी चाहिए।गुरमीत सिंह

रिपोर्ट ललित जोशी / हर्षित जोशी। नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने राजभवन गोल्फ कोर्स में आयोजित कर्टेन रेजर कार्यक्रम में मीडिया से […]

अ खिलेश यादव के दलित चेहरे ने बीजेपी के धुरंधर ठाकुर चेहरे को हराकर दिखा दिया कि अयोध्या पर कमंडल नहीं मंडल भारी है. क्या ये जातीय समीकरणों का चमत्कार है या फिर लोगों को रास नहीं आया कम मुआवजे का विकास!

अयोध्या जिसे फैजाबाद लोकसभा सीट कहा जाता है उसकी हारने पर दिल्ली से लेकर लखनऊ तक और बीजेपी से लेकर संघ परिवार तक सभी को सदमे में डाल दिया है. […]

वनो को आग से बचाने एवं कृषि मे जैविक खाद का उपयोग करने ।साथ ही प्लास्टिक का उपयोग बंद करने के लिए ठोस कदम उठाने होगें। तभी पर्यावरण दिवस का महत्व है।चंद्रशेखर जोशी ।

रिपोर्ट ।ललित जोशी/हर्षित जोशी।हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /प्रिंटिंग मीडिया शैल ग्लोबल टाइम्स / नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल से दूर जनपद नैनीताल के अंतर्गत ओखल कांडा रेंज के वन पंचायत पुटगांव में […]