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दिल्ली  के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से जारी विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च के बीच सोनम वांगचुक ने एक संदेश जारी किया कि वह अपना अनशन जारी रखेंगे. वांगचुक के सोशल मीडिया अकाउंट एक्स से नया पोस्ट सामने आया है, जिसमें उन्होंने अनशन को जारी रखने की बात कही है.

संपादकीय: जब छात्र आंदोलन में वैचारिक हस्तक्षेप बढ़ जाए—क्या जंतर-मंतर का आंदोलन अपने मूल उद्देश्य से भटक गया?

जंतर-मंतर पर बवाल: भगदड़, आँसू गैस और लाठीचार्ज से छात्र-पुलिस घायल, कई हिरासत में; इंटरनेट सेवा ठप, वेल्डिंग कर की गई बैरिकेडिंग

दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और छात्र संगठनों का ‘संसद चलो’ मार्च भारी तनाव और सुरक्षा घेरे के बीच जारी है। यह प्रदर्शन NEET परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली में

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राजधानी नई दिल्ली में सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान भयंकर बवाल हुआ है। इस हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमले और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में केस दर्ज…

मीडिया पर बढ़ते हमले लोकतंत्र के लिए गंभीर चेतावनी, पत्रकारों को निशाना बनाना किसी भी हाल में उचित नहींहिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | विशेष रिपोर्टअवतार सिंह बिष्ट

उत्तराखंड,देश में बड़े विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पत्रकारों और मीडिया संस्थानों को निशाना बनाए जाने की…

पेपर लीक, परीक्षा घोटाले और बेरोजगारी को लेकर छात्रों के आंदोलन ने सरकार के खिलाफ विपक्ष के मुद्दों को धार दे दी है। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और छात्रों के संसद मार्च से विपक्ष को सरकार पर दबाव बढ़ाने का मौका मिल गया है।

पेपर लीक पर पहले से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर…

नैनीताल। हाई कोर्ट ने उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के सजायाफ्ता अभियुक्त पुलकित आर्य व सौरभ भास्कर की जमानत याचिका पर सुनवाई की।

न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने दोनों अभियुक्तों को कोई राहत…

दुनिया

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दिल्ली। संसद के बाहर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के कारण मची अफरा-तफरी के बीच हालात सामान्य बनाने के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने मोर्चा संभाल लिया।

यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास एक मालवाहक जहाज पर भीषण हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि 19 जुलाई 2026 की शाम ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहे MV GOLDEN LEO पर हमला हुआ.

दिल्ली  के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से जारी विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च के बीच सोनम वांगचुक ने एक संदेश जारी किया कि वह अपना अनशन जारी रखेंगे. वांगचुक के सोशल मीडिया अकाउंट एक्स से नया पोस्ट सामने आया है, जिसमें उन्होंने अनशन को जारी रखने की बात कही है.

संपादकीय: जब छात्र आंदोलन में वैचारिक हस्तक्षेप बढ़ जाए—क्या जंतर-मंतर का आंदोलन अपने मूल उद्देश्य से भटक गया?

Express News

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दिल्ली  के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से जारी विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च के बीच सोनम वांगचुक ने एक संदेश जारी किया कि वह अपना अनशन जारी रखेंगे. वांगचुक के सोशल मीडिया अकाउंट एक्स से नया पोस्ट सामने आया है, जिसमें उन्होंने अनशन को जारी रखने की बात कही है.

सोनम का संदेश- मैं अपना अनशन जारी रखूंगा अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी…

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संपादकीय: जब छात्र आंदोलन में वैचारिक हस्तक्षेप बढ़ जाए—क्या जंतर-मंतर का आंदोलन अपने मूल उद्देश्य से भटक गया?

दिल्ली का जंतर-मंतर लंबे समय से लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शनों का प्रमुख मंच रहा है। यहां विभिन्न वर्ग अपनी मांगों को लेकर…

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अभी शांत है कल्याणी नदी, बढ़ती बारिश के साथ दिखा सकती है विकराल रूप; समय रहते सतर्क रहें लोग और प्रशासन

साइबर क्राइम से बचाव को लेकर नंदपुर नरका टोपा में जागरूकता कैंप, ग्रामीणों को बताए बचाव के उपाय और हेल्पलाइन नंबर

जंतर-मंतर पर बवाल: भगदड़, आँसू गैस और लाठीचार्ज से छात्र-पुलिस घायल, कई हिरासत में; इंटरनेट सेवा ठप, वेल्डिंग कर की गई बैरिकेडिंग

दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और छात्र संगठनों का ‘संसद चलो’ मार्च भारी तनाव और सुरक्षा घेरे के बीच जारी है। यह प्रदर्शन NEET परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली में

राजधानी नई दिल्ली में सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान भयंकर बवाल हुआ है। इस हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमले और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने अलग-अलग घटनाओं के आधार पर कई एफआईआर दर्ज करके अपनी…

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मीडिया पर बढ़ते हमले लोकतंत्र के लिए गंभीर चेतावनी, पत्रकारों को निशाना बनाना किसी भी हाल में उचित नहींहिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | विशेष रिपोर्टअवतार सिंह बिष्ट

उत्तराखंड,देश में बड़े विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पत्रकारों और मीडिया संस्थानों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं लगातार चर्चा का विषय बन रही हैं। 20 जुलाई को दिल्ली में हुए सीजेपी…

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पेपर लीक, परीक्षा घोटाले और बेरोजगारी को लेकर छात्रों के आंदोलन ने सरकार के खिलाफ विपक्ष के मुद्दों को धार दे दी है। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और छात्रों के संसद मार्च से विपक्ष को सरकार पर दबाव बढ़ाने का मौका मिल गया है।

पेपर लीक पर पहले से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्षी दल अब संसद के अंदर इस मुद्दे को पूरी ताकत से उठाने की…

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नैनीताल। हाई कोर्ट ने उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के सजायाफ्ता अभियुक्त पुलकित आर्य व सौरभ भास्कर की जमानत याचिका पर सुनवाई की।

न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने दोनों अभियुक्तों को कोई राहत नहीं देते हुए अगली सुनवाई के लिए 10 अगस्त की तिथि नियत की है। अवतार…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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नाम-कंचन नाथ। उम्र-17 साल। कर्म-मानव कल्याण के लिए तप। संपत्ति-करोड़ों की मालकिन और स्थान ढाकल गांव, हरियाणा। यह परिचय उस किशोरी का है, जिसने सांसारिक मोह-माया त्यागकर साध्वी का जीवन अपना लिया।

कंचन नाथ इन दिनों चिलचिलाती धूप में ‘अग्नि तप’ कर रही हैं, और उनके तप की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/…

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परेड ग्राउंड देहरादून से राज्य आंदोलनकारियों की आवाज भू कानून आप भी सुनिए क्या कहा

उत्तराखंड में सशक्त भू-कानून और मूल निवास की मांग तेज हो गई है। दअरसल राज्य आंदोलनकारियों ने कल सशक्त भू कानून व मूल निवास लागू कराने को लेकर परेड ग्राउण्ड […]

शांति प्रसाद भट्ट भू कानून (अध्यादेश ) क्या कहा आप भी सुनिए हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स

भू – कानून लागू करना आवश्यक ही नही बल्कि अति आवश्यक हो गया है।भू – कानून हिमाचल प्रदेश की तरह उत्तराखंड मे भी लाया जाए।

देहरादून शहीद स्मारक पर राज्य आंदोलनकारियों का जमावड़ा जुलूस की शक्ल में राज्य आंदोलनकारी पहुंच रहे हैं परेड ग्राउंड। शहीद स्मारक देहरादून की कुछ तस्वीरें Hindustan Global Times भूअध्यादेश 1950, मूल निवास, लोकायुक्त का गठन, प्रमुख मांगे

भू कानून की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप ने क्या कहा आज सुनिए।

उत्तराखंड मांगे भू कानून, हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स।

इंनरलाइनपरमिट, #मूल_निवास1950, #भूकानून #आर्टिकल371 भू कानून क्यों जरूरी है आईए जानते हैं हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्सJournalist from Uttrakhand groupअवतार सिंह बिष्ट उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी 1- #इंनरलाइनपरमिट यह एक […]

सांस्कृतिक धरोहर।भू कानून क्यों जरूरी है उत्तराखंड में जानिए हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स के साथ

हमारे देश के कई लोग हैं जो उत्तराखंड के तीर्थ स्थलों का महत्व जानते हैं और आज जब उत्तराखंड जोशीमठ उज्ड रहा है तो कई लोग उसके लिए भी आवाज […]

देहरादून शहीद स्मारक पर राज्य आंदोलनकारियों का जमावड़ा जुलूस की शक्ल में राज्य आंदोलनकारी पहुंच रहे हैं परेड ग्राउंड। शहीद स्मारक देहरादून की कुछ तस्वीरें Hindustan Global Times भूअध्यादेश 1950, मूल निवास, लोकायुक्त का गठन, प्रमुख मांगे

Is Dehradun 9 अगस्त 2023 परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास कुच,, भू अध्यादेश 1950

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के द्वारा भू अध्यादेश 1950, मूल निवास ,सशक्त लोकायुक्त का गठन, 70% स्थानीय लोगों को सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में प्राथमिकता, राज्य आंदोलनकारियों को 10% क्षैतिज […]

उत्तराखंड में 17 अगस्त को घी त्यार,घी संक्रांति । सिंह संक्रांति ,ओगली संक्रांति , पर्वतीय आंचल में देसी घी से बनाए जाएंगे पकवान, किसी न किसी रूप में घी खाना होता है अनिवार्य।

किसी न किसी रुप में घी खाना अनिवार्य माना जाता है। ऐसी भी पीखाता वह अगले जन्म में गण्याल(घोंघा) बनता है। गाय के घी को प्रसाद स्वरुप सिर पर रखा […]

15 अगस्त ध्वजारोहण के क्या है नियम , (हिंदुस्तान Global Times) अवतार सिंह बिष्ट

स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस में झंडा फहराने में क्या अंतर है ? 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडे को नीचे से रस्सी द्वारा खींच कर ऊपर ले […]

9 अगस्त 2023 परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास कुच,, भू अध्यादेश 1950

अखण्ड उत्तराखंड, सशक्त लोकायुक्त,रोजगार ,स्वास्थ्य, शिक्षा, जल_जंगल जमीन महिलाओं की सुरक्षा बिधर्मीयों से उत्तराखंड की सुरक्षा, सशक्त भू कानून, मूल निवास, 70% मुल निवासियों को सरकारी एवं गैर-सरकारी रोजगार मे […]