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उत्तराखंड में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद, मुआवजे की मांग तेज; धान खरीद शुरू न होने से दोहरी मार

रुद्रपुर/उत्तराखंड। उत्तराखंड के तराई क्षेत्रों में बेमौसम बारिश, तेज आंधी-तूफान और भारी ओलावृष्टि ने किसानों…

रुद्रपुर में शारदीय नवरात्रि पर मांस की बिक्री पर रोक, रेस्टोरेंट और भोजनालय भी दायरे में

कच्चे और पके मांस की बिक्री पर प्रतिबंध, बकरा, मुर्गा-मुर्गी, मछली, अंडा और बतख की…

रुद्रपुर में आज सजेगी ‘खबर पड़ताल नाइट’, दिल्ली-मुंबई के स्टार कलाकार मचाएंगे धमालखबर पड़ताल का पांचवां संस्करण आज सिटी क्लब में, रंग-बिरंगी रोशनी, भव्य स्टेज और सितारों से सजेगी शाम; शाम 7 बजे से लाइव प्रसारण के लिए रहें तैयार

रुद्रपुर। शहर की चर्चित शामों में शुमार होने जा रहा ‘खबर पड़ताल’ का पांचवां संस्करण…

हिंदुओं के घर-दुकानों पर बुलडोजर, रिश्तेदारों के प्रतिष्ठानों पर खामोशी! शिव अरोड़ा और विकास शर्मा से सवाल

देसी, पहाड़ी और बंगाली समाज के उजड़े रोजगार पर रुद्रपुर के विधायक शिव अरोड़ा और…

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उत्तराखंड के देहरादून में शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां के मोथरोवाला क्षेत्र में दो किशोरों के साथ छह महीने से कुकर्म करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुस्साए लोगों ने आरोपी को पहले पकड़कर जमकर पीटा, और मुंह पर कालिख पोत चौकी तक जुलूस निकाला।

मानसून की विदाई भले ही उत्तर भारत से हो गई हो, लेकिन बारिश अभी भी पीछा नहीं छोड़ रही.समुद्री इलाकों से आ रही नम हवाएं और भूमध्यसागर क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ से बादल, बारिश और बर्फबारी का माहौल पहाड़ी इलाकों में दिख रहा है.

कलश स्थापना: वैदिक परंपरा के अनुसार पूजा-विधानन वरात्रि के नौ स्वरूप और पूजा की तिथियां!मां जगदम्बा से सुख, शांति और सद्बुद्धि की प्रार्थना

उत्तराखंड से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए दिनेश आर्य, प्रदेश के विकास को लेकर बढ़ीं उम्मीदें

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उत्तराखंड के देहरादून में शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां के मोथरोवाला क्षेत्र में दो किशोरों के साथ छह महीने से कुकर्म करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुस्साए लोगों ने आरोपी को पहले पकड़कर जमकर पीटा, और मुंह पर कालिख पोत चौकी तक जुलूस निकाला।

आरोप है कि व्यक्ति डरा-धमकाकर किशोरों से कुकर्म कर रहा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में मुकदमा…

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मानसून की विदाई भले ही उत्तर भारत से हो गई हो, लेकिन बारिश अभी भी पीछा नहीं छोड़ रही.समुद्री इलाकों से आ रही नम हवाएं और भूमध्यसागर क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ से बादल, बारिश और बर्फबारी का माहौल पहाड़ी इलाकों में दिख रहा है.

इस बर्फीली हवाओं से मैदानी इलाकों उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान में गुलाबी सर्दी का अहसास होने लगा है.…

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बाजपुर-गदरपुर में अतिवृष्टि से फसलें प्रभावित, नुकसान के आकलन के लिए प्रशासन ने पांच दिन तक अधिकारियों की लगाई ड्यूटी

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ओलावृष्टि से बेहाल किसानों के बीच पहुंचे धामी, वहीं रुद्रपुर में ‘मानक महोत्सव 2026’ ने गुणवत्ता और स्वच्छ ऊर्जा का दिया संदेश

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रुद्रपुर/उत्तराखंड। उत्तराखंड के तराई क्षेत्रों में बेमौसम बारिश, तेज आंधी-तूफान और भारी ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी धान, गन्ने और अन्य फसलों…

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रुद्रपुर में शारदीय नवरात्रि पर मांस की बिक्री पर रोक, रेस्टोरेंट और भोजनालय भी दायरे में

कच्चे और पके मांस की बिक्री पर प्रतिबंध, बकरा, मुर्गा-मुर्गी, मछली, अंडा और बतख की बिक्री भी नहीं होगी रुद्रपुर। शारदीय नवरात्रि को लेकर रुद्रपुर नगर निगम ने नगर निगम…

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रुद्रपुर में आज सजेगी ‘खबर पड़ताल नाइट’, दिल्ली-मुंबई के स्टार कलाकार मचाएंगे धमालखबर पड़ताल का पांचवां संस्करण आज सिटी क्लब में, रंग-बिरंगी रोशनी, भव्य स्टेज और सितारों से सजेगी शाम; शाम 7 बजे से लाइव प्रसारण के लिए रहें तैयार

रुद्रपुर। शहर की चर्चित शामों में शुमार होने जा रहा ‘खबर पड़ताल’ का पांचवां संस्करण आज रुद्रपुर के सिटी क्लब में रंगारंग अंदाज में आयोजित होने जा रहा है। दिल्ली…

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हिंदुओं के घर-दुकानों पर बुलडोजर, रिश्तेदारों के प्रतिष्ठानों पर खामोशी! शिव अरोड़ा और विकास शर्मा से सवाल

देसी, पहाड़ी और बंगाली समाज के उजड़े रोजगार पर रुद्रपुर के विधायक शिव अरोड़ा और महापौर विकास शर्मा जवाब दें—क्या कानून का बुलडोजर गरीबों के लिए ही है?रुद्रपुर। हिंदू हितों…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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नाम-कंचन नाथ। उम्र-17 साल। कर्म-मानव कल्याण के लिए तप। संपत्ति-करोड़ों की मालकिन और स्थान ढाकल गांव, हरियाणा। यह परिचय उस किशोरी का है, जिसने सांसारिक मोह-माया त्यागकर साध्वी का जीवन अपना लिया।

कंचन नाथ इन दिनों चिलचिलाती धूप में ‘अग्नि तप’ कर रही हैं, और उनके तप की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/…

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अल्मोड़ा जिला अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान गलत नस कटने से महिला की हालत बिगड़ गई। गंभीर हालत में उसे हायर सेंटर रेफर किया। बरेली ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। नगर के व्यापारी दीपक कुमार की पत्नी मुन्नी देवी को जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने बच्चेदानी के ऑपरेशन की सलाह दी थी।

10 अप्रैल को उनका ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन के बाद महिला को आईसीयू में भेज दिया गया। तीसरे दिन उन्हें डिस्चार्ज कर घर भेज दिया। घर पहुंचकर जब उनकी तबीयत बिगड़ी […]

केदारनाथ धाम फूलों से सजाया गया है। चारधाम यात्रा शुरू होने में कुछ घंटे बचे हैं। इस बीच बदरी-केदार मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे भक्तिभाव से दर्शन करने आएं, सोशल मीडिया की रील बनाने से बचें।

मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि चारधाम यात्रा में उन्होंने दर्शन की व्यवस्था पूरी कर ली है। केदारनाथ धाम में आस्था पथ से लेकर मंदिर तक रेलिंग […]

Char Dham Yatra: इस बार केदरनाथ धाम के खुल रहे कपाट के दर्शन करने के लिए जाने की सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए अच्छा मौका है, हालांकि मौसम गर्म है, लेकिन पहाड़ों के बीच स्थित धाम में थोड़ा रिलेक्स जरूर महसूस करेंगे।

साथ ही चार धाम में एक जगह यह भी है, जहां जाने के लिए आप कई समय से प्लान भी कर रहे होते हैं। ऐसे में उन सभी हजारों भक्तों […]

देहरादून नगर निगम ने रिस्पना के किनारे स्थित 27 बस्तियों में सरकारी भूमि पर बने जो 525 मकान चिन्हित किए हैं, उन्हें गुरुवार से नोटिस दिए जाएंगे। बुधवार को नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया संबंधित लोगों को पंद्रह मई तक स्वयं अतिक्रमण हटाने का मौका दिया जाएगा।

जबकि इसके बाद गठित टास्क फोर्स जिला प्रशासन के साथ संयुक्त अभियान चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगी। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि 11 मार्च 2016 के बाद सरकारी […]

उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच

आज दिनांक 09-मई को उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी मंच व परिजनों की पहल पर राज्य आंदोलन की हस्ताक्षर व प्रतिमूर्ति रही महिला आयोग व सम्मान परिषद की पूर्व अध्यक्ष स्वo श्रीमती […]

हल्द्वानी,हाईकोर्ट ऋषिकेश स्विफ्ट करने और इसकी दो बेंच बनाए जाने पर राज्य आंदोलनकारीयों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है,कहा ऐसे तो दो सचिवालय की मांग भी उठने लगेगी,हल्द्वानी,राज्य आंदोलन कारियों ने उच्च न्यायालय ऋषिकेश स्विफ्ट करने और इसकी दो बेंच बनाए जाने की चर्चा पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है,

प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हुकम सिंह कुंवर ने कहा कि उच्च न्यायालय की दो बेंच बनाया जाना राज्य को दो भागों मैं बांटने का प्रयास भर होगा, राज्य आंदोलनकारी हमेशा स्थाई […]

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवंगत कैलाश चन्द्र गहतोड़ी के निवास पर पहुंचकर परिवारजनों को ढांढस बंधायाकाशीपुर (उद संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को यहां अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्र्देश दिये। बाद में उन्होंने वन विकास निगम के दिवंगत अध्यक्ष कैलाश चन्द्र गहतोड़ी के निवास पर पहुंचकर शोक संवेदना प्रकट की और परिवारजनों को ढांढस बंधाया। तय कार्यक्रम के मुताबिक सीएम धामी गुरूवार को काशीपुर पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी गीता धामी भी थी। स्पोर्ट्स स्टेडियम में बने हेलीपैड पर भाजपाईयों ने मुख्यमंत्री का बुके भेंटकर स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। सीएम धामी ने स्टेडियम में डीएम व एसएसपी समेत जिले के आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक पेयजलापूर्ति के साथ ही कई अन्य मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। इसके बाद सीएम धामी स्वर्गीय कैलाश चंद्र गहतोड़ी के आवास पर पहुंचे और उनके परिवार को सांत्वना देते हुए शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि चार धाम यात्रा को लेकर सभी तैयारिया पूर्ण कर ली गई हैं। सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुखमय हो, इसके लिए सरकार द्वारा पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा जनपद में कहीं भी पेयजल संकट न हो इस हेतु अधिकारी सक्रियता से कार्य करें व सभी पेयजल महकमे के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करें व पेयजल सम्बंधित समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि पेयजल लाइनों की लीकेज तुरन्त ठीक करायें व विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत निर्माणाधीन पेयजल योजनाएं हैं उन्हें त्वरित गति से कार्य करते हुए पूर्ण कराएं।उन्होंने कहा गर्मी का सीजन है इसीलिए शहरों में जन साधारण के शीतल पेयजल हेतु प्याऊ व वॉटर कूलर लगाए जाएं यह निर्देश मुख्यमंत्री श्री धामी ने अपने एक दिवसीय काशीपुर भ्रमण के दौरान काशीपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम में अधिकारियों की बैठक लेते हुए दिए।

रूद्रप्रयाग  चारधाम यात्रा 2024 की भव्य तैयारियां पूर्ण हो गई हैं। शुक्रवार 10 मई को प्रातः विधिविधान के साथ केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे । केदारनाथ मंदिर को करीब 45 कुंतल फूलों से सजाया जा रहा है। उत्तराखंड के चार धाम और 12 ज्योतिर्लिंग में से एक केदारनाथ धाम भक्तों के लिए आकर्षण और श्रद्धा का केंद्र रहता है। लाखों भक्त बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए बेसब्री से इंतजार करते हैं। बाबा केदार की डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से यात्रा पड़ावों से होकर आज गौरकुंड से प्रस्थान कर 9 मई को केदारनाथ धाम में विराजमान होंगे। केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के समय केदारनाथ मंदिर में लंबी औपचारिक पूजा होती है।तीर्थयात्री केदारनाथ मंदिर में मुख्य पुजारियों की पहली बार उद्घाटन पूजा करने के बाद ही दर्शन कर सकते हैं। 10 मई सुबह 7 बजे से बाबा केदारनाथ के कपाट श्रृद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इसी तरह 10 मई को यानी अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। बद्रीनाथ धाम के कपाट 12 मई को खोले जाएंगे। बाबा केदार की चल विग्रह उत्सव डोली आज गौरीकुड से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी। गौरीकुड में स्थित गौरीमायी के मंदिर में पहुंचने पर डोली का गौरीकुड में बड़ी संख्या में भक्त एवं स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया था। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी भी कपाट खुलने के मौके पर केदारनाथ में मौजूद रह सकते हैंं। केदारनाथ धाम फूलों से सजाया गया है।

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अल्मोड़ा सोमेश्वर में बुधवार रात बादल फटने से आफत आ गई। भारी बारिश से कई मकानों में मलबा घुस गया। कई वाहन मलवे में दब गये। अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों को जोड़ने वाला अल्मोड़ा-कौसानी हाईवे बंद हो गया। बारिश का पानी मलबे के साथ घरों के आगे नाले के रूप में बहने लगा। जिससे लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े। बारिश के पानी के साथ मलबा और बोल्डर घरों तक पहुंच गये। इससे मकानों में दरारें पड़ गईं। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। बुधवार देर शाम सोमेश्वर क्षेत्र के चनौदा और अघूरिया में अचानक बादल फटा और भारी बारिश हुई। चनौदा में गांव के पीछे की ओर से बारिश का पानी अपने साथ मलबा और बोल्डर बहा लाया। देखते ही देखते मलबा और बोल्डर घरों के आगे पहुंच गए तो लोग बाहर की तरफ दौड़ पड़े। कुछ ही देर में मलबे से कुंवर भाकुनी, सुनील भाकुनी, संजय भाकुनी, बालम भाकुनी, ललित भाकुनी के मकान पट गए। घरों में रखा सामान भी मलबे में दब गया। एक घंटे बाद बारिश थमने के बाद ग्रामीणों ने घरों में पहुंचने की हिम्मत जुटाई। दहशत के कारण ग्रामीण पूरी रात नहीं सो सके। अल्मोड़ा-कौसानी हाईवे बंद होने से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। कई वाहन फंसे रहे। कई वाहन मलवे में दब गये। हालांकि प्रशासन ने सड़क खोलने के लिए जेसीबी मौके पर भेजी, लेकिन देर रात तक भी आवाजाही शुरू नहीं हो सकी थी। एसएसपी देवेन्द्र पींचा ने प्रातः चनौदा सोमेश्वर मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और थानाध्यक्ष सोमेश्वर कश्मीर सिंह व पुलिस बल को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। यातायात खुलवाने के लिए जेसीबी मशीनों से मलवा हटाने का काम शुरू किया गया। मलवे में कुछ वाहन भी दब गये थे उन्हें बमुश्किल निकाला गया। बारिश न होने से क्षेत्र में बहने वाली साईं और कोसी नदी सूखने के कगार पर पहुंच चुकी थीं। बुधवार को हुई भारी बारिश के बाद दोनों नदियां अचानक उफान पर आ गईं। पहली ही बारिश में दोनों नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया। सोमेश्वर की तहसीलदार खुशबू पाण्डे ने कहा कि भारी बारिश से सोमेश्वर के चनौदा और अघूरिया में कुछ घरों में मलबा घुस गया। अल्मोड़ा-कौसानी हाईवे भी मलबा आने से बंद हो गया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।

रूद्रपुर। आज दोपहर श्रमिकों को लेकर सिडकुल जा रहा टैम्पो मार्ग में अनियत्रित होकर पलट गया जिससे टैम्पो चालक सहित आठ श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गये जिन्हे उपचार के लिये जिला चिकित्सालय ले जाया गया है। घायलों में एक की हालत चिंताजनक देखते हुये चिकित्सकों ने सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी के लिये रेफर कर दिया। जानकारी के अनुसार आज दोपहर मौहल्ला जगतपुरा निवासी महेन्द्र कुमार पुत्र पनीराम अपने टैम्पो संख्या यूके 06 टीए 6701 में सिडकुल की अलग-अलग फैक्ट्रियों के श्रमिकों को लेकर सिडकुल ढाल से रवाना हुआ। जब वह नारी फार्म से सिडकुल सेक्टर चार के पास पहुंचा तो तीव्र गति से जाता टैम्पू अनियंत्रित होकर पलट गया जिससे टैम्पो में सवार यात्रियों में चीख पुकार शुरू हो गई। आसपास खड़े लोगों ने यात्रियों को टैम्पों से निकाला। इस दुर्घटना में चालक महेन्द्र कुमार सहित आजादनगर ट्रांजिट कैम्पा निवासी कृष्णा पुत्र छेदी चौहान, सचिन कुमार पुत्र दया राम, तारा चन्द्र पुत्र राम भरोसे, ट्रांजिट कैम्प निवासी अनिल कुमार पुत्र बालक राम, ठाकुर नगर निवासी रिंकू पुत्र जंग बहादुर व रेनू पुत्री गजेन्द्र आदि गंभीर रूप से घायल हो गय। सभी घायलों को उपचार के लिये जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। जहां रिंकू की हालत चिंता जनक देखते हुये चिकित्सकों ने उसे सुशीला तिवारी अस्पताल,हल्द्वानी के लिये रेफर कर दिया। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस घटना स्थल पर पहुंचकर जानकारी ली और चिकित्सालय आकर घायलों का हालचाल जाना।