Breaking News

उत्तराखण्ड

View All

देश

View All

ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब इजरायल-अमेरिका ने संयुक्त कार्रवाई में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके परिवार के तमाम सदस्यों समेत मौत के घाट उतार दिया.

ये हमले भी रात के अंधेरे में किए गए और होर्मुज से लेकर खार्ग तक…

क्या बढ़ रहा है कोरोना? कुछ राज्यों में मिले नए केस, जानिए डॉक्टर क्या कह रहे हैं

देश के कुछ हिस्सों में एक बार फिर कोविड-19 के नए मामले सामने आने लगे…

म्यांमार के तट के पास बंगाल की खाड़ी में रोहिंग्या शरणार्थियों को ले जा रही दो नावें बंगाल की खाड़ी में पलट गईं, जिसके बाद 500 से ज्‍यादा लोगों की मौत की आशंका है. इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉ माइग्रेशन और यूनाइटेड नेशंस हाई कमिश्नर फॉर रिफ़्यूजीज के बयान के मुताबिक, शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि जून के आखिर में म्यांमार के पश्चिमी राज्य रखाइन से दो नावें निकली थीं.

इन नावों में ज्‍यादातर रोहिंग्या यात्री सवार थे और कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे…

पूर्वोत्तर भारत के असम राज्य से सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को दंग कर देने वाला एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। असम के गुवाहाटी में पुलिस ने एक ऐसे शातिर अंतरराष्ट्रीय तस्कर को गिरफ्तार किया है, जो समाज की नजरों से बचने के लिए पिछले लंबे समय से एक साधारण भिखारी होने का नाटक कर रहा था।

जब पुलिस ने इस तथाकथित भिखारी के ठिकाने पर औचक छापेमारी की, तो वहां का…

दुनिया

View All

भारत-म्यांमार सीमा के पास आतंकी साजिश रचने के आरोप में तिहाड़ जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे एक अमेरिकी कैदी मैथ्यू आरोन वैनडाइक की वीआईपी डिमांड ने इस वक्त जेल प्रशासन के होश उड़ा रखे है.

पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने लगातार दूसरी रात ईरान के दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अमेरिकी सेना ने एफ-22 रैप्टर से ईरान में बमबारी की है।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव अब और अधिक गंभीर होता दिखाई दे रहा है। रविवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की।

गढ़वाल की वीरांगना रानी कर्णावती : मुगल साम्राज्य को चुनौती देने वाली उत्तराखंड की अदम्य शक्ति

Express News

View All

हरेला की हरियाली या विकास की कुल्हाड़ी? एक ओर ‘एक पेड़ मां के नाम’, दूसरी ओर ऋषिकेश में हजारों पेड़ों की विदाई

देहरादून। उत्तराखंड में हरेला पर्व प्रकृति, हरियाली और जीवन का उत्सव माना जाता है। हर वर्ष इस पर्व पर लोग…

Read More

राजकुमार ठुकराल की मौजूदगी में निकली भव्य कलश यात्रा, किरतपुर में गूंजे जयकारे   श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, भव्य कलश यात्रा से गूंजा पूरा क्षेत्र

रूद्रपुर। ग्राम सभा किरतपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई। धार्मिक आस्था, श्रद्धा…

Read More

मिशन 2027: क्या हल्द्वानी विधानसभा की राजनीति में नया अध्याय लिखने की तैयारी में हैं हुकम सिंह कुंवर?(संपादकीय विश्लेषण | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स)

राज्य आंदोलनकारी नवनीत गोसाई के निधन पर शोक, आंदोलनकारियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

मोबाइल के नीचे ले जाए गए नोटों के बंडल कहां गए? सबसे बड़ा सवाल !बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: 18 पन्नों की जांच रिपोर्ट में कई दिनों तक हेराफेरी के संकेत, मुख्य आरोपी न्यायिक हिरासत में,तीन साल के रिकॉर्ड खंगाल रही SIT? संपत्ति जांच को लेकर उठी पारदर्शिता की मांग।

उत्तराखंड: भ्रष्टाचार की चर्चाओं में अव्वल, कार्रवाई में सबसे पीछे?

ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब इजरायल-अमेरिका ने संयुक्त कार्रवाई में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके परिवार के तमाम सदस्यों समेत मौत के घाट उतार दिया.

ये हमले भी रात के अंधेरे में किए गए और होर्मुज से लेकर खार्ग तक पर अमेरिकी सेनाओं ने जब भी धावा बोला, रात में ही बोला. फिर अचानक 15…

Read More

क्या बढ़ रहा है कोरोना? कुछ राज्यों में मिले नए केस, जानिए डॉक्टर क्या कह रहे हैं

देश के कुछ हिस्सों में एक बार फिर कोविड-19 के नए मामले सामने आने लगे हैं। आंध्र प्रदेश में संक्रमण से दो लोगों की मौत की खबर आई है, जबकि…

Read More

म्यांमार के तट के पास बंगाल की खाड़ी में रोहिंग्या शरणार्थियों को ले जा रही दो नावें बंगाल की खाड़ी में पलट गईं, जिसके बाद 500 से ज्‍यादा लोगों की मौत की आशंका है. इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉ माइग्रेशन और यूनाइटेड नेशंस हाई कमिश्नर फॉर रिफ़्यूजीज के बयान के मुताबिक, शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि जून के आखिर में म्यांमार के पश्चिमी राज्य रखाइन से दो नावें निकली थीं.

इन नावों में ज्‍यादातर रोहिंग्या यात्री सवार थे और कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे जो बांग्लादेश में मौजूद र‍िफ्यूजी कैंपों से आए थे. एजेंसियों ने एक संयुक्त बयान में…

Read More

पूर्वोत्तर भारत के असम राज्य से सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को दंग कर देने वाला एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। असम के गुवाहाटी में पुलिस ने एक ऐसे शातिर अंतरराष्ट्रीय तस्कर को गिरफ्तार किया है, जो समाज की नजरों से बचने के लिए पिछले लंबे समय से एक साधारण भिखारी होने का नाटक कर रहा था।

जब पुलिस ने इस तथाकथित भिखारी के ठिकाने पर औचक छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर खुद आला अधिकारी भी स्तब्ध रह गए। पुलिस ने आरोपी के घर से…

Read More

उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

Read More

हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

Read More

ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

Read More

नाम-कंचन नाथ। उम्र-17 साल। कर्म-मानव कल्याण के लिए तप। संपत्ति-करोड़ों की मालकिन और स्थान ढाकल गांव, हरियाणा। यह परिचय उस किशोरी का है, जिसने सांसारिक मोह-माया त्यागकर साध्वी का जीवन अपना लिया।

कंचन नाथ इन दिनों चिलचिलाती धूप में ‘अग्नि तप’ कर रही हैं, और उनके तप की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/…

Read More

15 अगस्त ध्वजारोहण के क्या है नियम , (हिंदुस्तान Global Times) अवतार सिंह बिष्ट

स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस में झंडा फहराने में क्या अंतर है ? 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडे को नीचे से रस्सी द्वारा खींच कर ऊपर ले […]

9 अगस्त 2023 परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास कुच,, भू अध्यादेश 1950

अखण्ड उत्तराखंड, सशक्त लोकायुक्त,रोजगार ,स्वास्थ्य, शिक्षा, जल_जंगल जमीन महिलाओं की सुरक्षा बिधर्मीयों से उत्तराखंड की सुरक्षा, सशक्त भू कानून, मूल निवास, 70% मुल निवासियों को सरकारी एवं गैर-सरकारी रोजगार मे […]

रक्षाबंधन ज्योतिष गणना के अनुसार

रक्षाबंधन महापर्व 31 अगस्त 2023सभी सनातन धर्म प्रेमियों को सादर प्रणाम।विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी रक्षाबंधन, श्रावणी उपाकर्म पर्व को लेकर संशय (भ्रम) की स्थिति बनी हुई है। […]

शैल सांस्कृतिक समिति के द्वारा शैल पावन धाम में स्वच्छता अभियान

शैल सांस्कृतिक समिति के द्वारा शैल पावन धाम , स्थित नेशनल हाईवे अटरिया रोड मोड़, पर आज सफाई अभियान किया गया। आपको अवगत करा दें, समय-समय पर स्वच्छता अभियान के […]

भ्रष्टाचार के दलदल में उत्तराखंड ,मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगाएंगे नैया पार लोगों को है उम्मीद। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स

म ताकि सनद रहे।हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, अध्यक्ष उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद अवतार सिंह बिष्ट।भ्रष्टाचारमुक्तउत्तराखंड हम उत्तराखंड में संगठित लूट का विरोध करते हैं। जिस प्रकार से नेताओं मंत्रियों के […]

ताकि सनद रहे उत्तराखंड राज्य आंदोलन का इतिहास पाठ्यक्रम में शामिल

उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद ,Hindustan Global Times, अवतार सिंह बिष्ट ,ताकि सनत रहे, उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनउत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन, उत्तराखण्ड राज्य के बनने से पहले की वे घटनाएँ हैं जो […]

9 अगस्त को गर्जेगी राज्य आंदोलनकारियों की आवाज ,परेड ग्राउंड देहरादून से मुख्यमंत्री आवास कुच,

उत्तराखंड राज्य आंदोलन की एक अवधारणा थी ।हमारे मूल अधिकार सुरक्षित होंगे ।पहाड़ी राज्य अस्तित्व में आएगा। जल, जंगल, जमीन, स्वास्थ, शिक्षा, नौकरी, संस्कृति, पौराणिक अध्यात्मिक केंद्रों पर हमारा एकाधिकार […]

भारतीय वायु सेना ने पहली बार पाकिस्तान पर ऐसा हमला किया है, जिसका जिक्र इतिहास की किताबों में किया जाएगा। भारत के साथ साथ दुनिया भी इस बात से हैरान है कि कैसे पांच घंटे के अंदर डिनर में पूरा पाकिस्तान भारतीय सेना प्लेट में रखकर खा गई।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान केवल 180 मिनट में पाकिस्तानी वायु सेना के 20 प्रतिशत इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह करने वाली भारतीय वायुसेना ने एक ऐसा खेल कर दिया है जो हर […]